होम अब मुस्लिम महिलाओं को मिली आजादी, मस्जिद में जाकर कर सकेंगी ये काम
अब मुस्लिम महिलाओं को मिली आजादी, मस्जिद में जाकर कर सकेंगी ये काम
भाजपा सरकार के राज में मुस्लिम महिलाओं के अच्छे शुरू हो गए हैं। पहले तीन तलाक से मुक्ति मिलने के बाद अब उनको बड़ी आजादी
मिली है। इसके तहत अब वो पुरूषों की तरह मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ सकेंगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के मस्जिद में नमाज़ पढ़ने को लेकर कहा कि पुरुषों की ही तरह महिलाओं को भी इसकी अनुमति है। हालांकि एक समय ऐसा था जब बोर्ड ने शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले (1985) को दरकिनार कर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी झुकने को मजबूर कर दिया था। लेकिन माना जा रहा है कि समय के साथ ही बोर्ड के रुख में बदलाव स्पष्ट दिख रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में एआईएमपीएलबी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों की तरह ही नमाज के लिए मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति होती है। यास्मीन जुबेर अहमद पीरजादा की जनहित याचिका पर एआईएमपीएलबी का यह जवाब आया। एआईएमपीएलबी के सचिव मोहम्मद फजलुर्रहीम ने वकील एम आर शमशाद के माध्यम से दाखिल अपने हलफनामे में यह जानकारी दी।
बोर्ड की ओर से दाखिल हलफनामे के अनुसार धार्मिक पाठों, शिक्षाओं और इस्लाम के अनुयायियों की धार्मिक आस्थाओं पर विचार करते हुए यह बात कही जा रही है कि मस्जिद के भीतर नमाज अदा करने के लिए महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश की अनुमति है। कोई मुस्लिम महिला नमाज के लिए मस्जिद में प्रवेश के लिए स्वतंत्र है। उसके पास मस्जिद में नमाज के लिए उपलब्ध इस तरह की सुविधाओं का लाभ उठाने के उसके अधिकार का उपयोग करने का विकल्प है।
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