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राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी
ई दिल्ली, 29 जनवरी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की यहां बुधवार को हुई बैठक में होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 में संशोधन के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को अपनी मंजूरी दे दी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस विधेयक में होम्योपैथी शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक नियामक सुधार सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं। आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा। आयोग देश के सभी हिस्सों में किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देगा।
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, होम्योपैथी की शिक्षा एवं प्रैक्टिस के नियमन, केंद्रीय होम्योपैथी रजिस्टर के रखरखाव तथा तत्संबंधी मामलों को लेकर केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के गठन के लिए होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 को लागू किया गया था।
इस अधिनियम को भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के प्रारूप पर तैयार किया गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद के मुख्य क्रियाकलापों में शक्तियों का निर्धारण एवं नियमन करना शामिल है। जबकि यह अधिनियम होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा एवं प्रैक्टिस के विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है, किंतु परिषद के क्रियाकलापों में अनेक बाधाओं का अनुभव किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण होम्योपैथी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं पर गंभीर नुकसानदेह प्रभाव पड़ा है।
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग विधेयक, 2019 (एनसीआईएम) में आधिकारिक संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
प्रस्तावित कानून से भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली के क्षेत्र में आवश्यक नियामक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रस्तावित नियामक संरचना से आम लोगों के हितों की सुरक्षा करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी। यह आयोग देश के सभी हिस्सों में किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देगा।
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