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अत्यधिक कर वसूलना सामाजिक अन्याय: जस्टिस बोबडे
नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने देश की जनता पर कर का बोझ कम करने तथा राष्ट्र के चहुंमुखी विकास के लिए विशेष प्रयास किये जाने की केंद्र सरकार को सलाह दी है।
न्यायमूर्ति बोबडे ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के 79वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि 'अत्यधिक कर' को सामाजिक अन्याय के तौर पर देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कर चोरी देश के नागरिकों के प्रति सामाजिक अन्याय है तो मनमाने तरीके से तथा अत्यधिक कर वसूलना सरकार की ओर से किया गया सामाजिक अन्याय है।
मुख्य न्यायाधीश ने आयकर संबंधी विवादों में न्यायाधिकरणों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कर विवाद के निपटारे के लिए गठित अदालतें देश के लिए संसाधन जुटाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि टैक्स ऐसा विषय है, जिससे जुड़े मसले निपटाने के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। आयकर न्यायाधिकरण, न्यायपालिका का बोझ कम करने की दिशा में सहायता कर रहे हैं।
इस अवसर पर आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीपी भट्ट ने कहा कि रिक्त पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लायी गयी है। न्याय मंत्रालय नियुक्तियों की प्रक्रिया को शीघ्र ही पूरा कर लेगा। आईटीएटी में 126 पदों की संस्तुति है लेकिन अभी 42 पद खाली हैं। कटक में शीघ्र ही नया ऑफिस खोला जाएगा। लखनऊ में नयी बेंच जल्द ही खोली जाएगी, देहरादून में नए सर्किट बेंच का गठन किया गया है, जिसका उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए आईटीएटी के अध्यक्ष जस्टिस पी पी भट्ट ने कहा कि हमने रिक्त पदों की भरने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं, न्याय मंत्रालय नियुक्तियों की प्रक्रिया को शीघ्र ही पूरा कर लेगा, आईटीएटी में 126 पदों की संस्तुति है, लेकिन अभी 42 पद खाली हैं।
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