होम केंद्रीय मंत्री ने कहा- एनपीआर की कवायद में सूचना सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा- एनपीआर की कवायद में सूचना सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं
भाजपा शासित कुछ राज्यों के कड़े विरोध के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की कवायद में सूचना सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक है।
एनपीआर पहली बार 2010 में संप्रग सरकार द्वारा शुरू किया गया था
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि एनपीआर पहली बार 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार द्वारा शुरू किया गया था और यह एक संवैधानिक दायित्व है।
एनपीआर में सूचना सार्वजनिक करना स्वैच्छिक है
गृह राज्यमंत्री ने कहा, 'एनपीआर में सूचना सार्वजनिक करना स्वैच्छिक है।' रेड्डी ने कहा कि एनपीआर एक संवैधानिक दायित्व है, राज्यों को इस पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए।
केंद्र सरकार एनपीआर पर राज्य सरकारों को करेगी जागरूक
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार एनपीआर के विभिन्न पहलुओं के बारे में राज्य सरकारों को जागरूक करेगी। एनपीआर की कवायद एक अप्रैल से 30 सितंबर 2020 के बीच की जाएगी।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।