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मोती महल लान में 18वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का समापन आज/10 को
लखनऊ, 9 अक्टूबर। मोती महल लॉन राणा प्रताप मार्ग में चल रहा 18वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला कल 10 अक्टूबर को अगले साल के लिए विदा ले लेगा। अंतिम दिनों में चल रहे 18वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के नौवें दिन में साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ रही। वीकेंड पर उमड़ी भीड़ में किताबों की खरीदारी और सांस्कृतिक-साहित्यिक आयोजनों के प्रति उत्साह दिखा।
आज दिन में पुस्तक मेला परिसर में जागरुकता कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जानकारी दी गयी। मंच पर हुए पुस्तक-पत्रिका के विमोचन, चर्चा और काव्यपाठ का साहित्यप्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया। मेले में देश के चर्चित प्रकाशकों के स्टॉल पर पाठक किताबों की खरीदारी करते दिखे। उर्दू, हिन्दी, इंग्लिश समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की विभिन्न विषयों की किताबों को लेकर युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। लोगों ने मेले में लगे प्रकाशकों के स्टॉल पर मन पसंद विषयों के संग प्रतियोगी परीक्षाओं की बेशुमार पुस्तकों- पत्रिकाओं में दिलचस्पी दिखाई। खासकर युवाओं के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान व इतिहास की पुस्तकें और पत्रिकाओं को लेकर मेले में खोजबीन जारी रही।
भारतीय पुस्तक न्यास के स्टॉल पर हमारा संविधान, हमारी संसद, भारत का लोक प्रशासन, हमारी राजनैतिक व्यवस्था, भारतीय विधान रचना एवं पाठ पुस्तकें हैं। वहीं वाणी प्रकाशन के पास हिन्दी भाषा साहित्य का इतिहास, भारतीय आंदोलन व राष्ट्रवाद किताबें चर्चा में हैं, तो राजकमल प्रकाशन के पास हिन्दी भाषा का विकास, प्राचीन भारत का विकास, सिविल सेवा परीक्षा के लिए निबंध सहित अनेक किताबें हैं। निखिल प्रकाशन के पास समान्य अध्ययन, समान्य ज्ञान हैं। केंद्रीय हिन्दी निदेशालय के प्रतिष्ठान में भारतीय भाषा कोश, वृहत हिन्दी कोश और वैष्णवी जनरल बुक के पास हू इज हू, इन्साइक्लोपीडिया एनीमल वर्ल्ड व ए टू जेड फैमिली मेडिकल साइंसेज, प्लॉनेट अर्थ, बिगबुक नॉलेज किताबें हैं। सबरवाल बुक्स के पास चिल्ड्रेन नॉलेज इंसाइक्लोपीडिया व जनरल नॉलेज बुक्स हैं तो भारतीय कला प्रकाशन के पास नेचर इंसाक्लोपीडिया, इंडियन आर्किटेक्चर, इंसाइक्लोपीडिया ऑफ इस्लामिक, आर्किटेक्चर- मुगल पीरियड व हिस्ट्री ऑफ अर्थ पुस्तकें हैं। प्रभात प्रकाशन के पास अंतरराष्ट्रीय संगठन, निबंध महासागर, वस्तुनिष्ठ भारत का इतिहास-कला संस्कृति, भारत के राज्य, योजना एवं कुरुक्षेत्र का जीआईएसटी सरकारी योजनाएं व नीतियां, एनसीआरटी सार संकलन, मुझे बनना है यूपीएससी टॉपर, कुशल प्रशासक के गुण सहित कई किताबें हैं।
मेले के मंच पर सुबह राजकमल प्रकाशन की किताब प्रारंभिक शिक्षा- व्यक्तित्व विकास के विविध चरण का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ.सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह, प्रशासनिक अधिकारी अजय शंकर पांडेय व अनिल भूषण चतुर्वेदी, सुभाष राय, संतोष चतुर्वेदी, अजीत प्रियदर्शी सहित अनेक साहित्यप्रेमी मौजूद थे। मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का निशुल्क कैम्प में लोगों को काउंसिलिंग कर परामर्श दिया गया। असिस्टेंट प्रो.अंशुमा दुबे के संयोजन में लगे कैम्प में नाट्य प्रस्तुति कर जागरुक भी किया। विश्वम फाउंडेशन व ऑप्टीकुंभ की ओर से नेत्र जागरूकता के तहत ‘वॉक इन द डॉर्क‘ एक्टिविटी में युवाओं ने आंख पर पट्टी बांधकर चलने का अनुभव बताये। नौवें दिन के कार्यक्रमों में आज पत्रिका कला वसुधा के कठपुतली विशेषांक के विमोचन में वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ.अनिल रस्तोगी और अन्य अतिथियों में प्रदीप नाथ त्रिपाठी व मेराज आलम, मिलन यादव, संजय मिश्र शौक, नाट्य निर्देशक ललित सिंह पोखरिया व सुशील कुमार सिंह, गोपाल सिन्हा, पत्रिका के संपादक शाखा बंद्योपाध्याय व डॉ.उषा बनर्जी मौजूद थे। डॉ.अनिल रस्तोगी ने कहा कि हमारी इस अत्यंत प्राचीन धरोहर को मौजूदा समय में जीवट कलाकार अपने प्रयासों से जीवित रखें हैं। विशेषांक में 45 विद्वानों के आलेख संग्रहीत हैं। आरडीएसओ के प्रशासनिक अधिकारी राजीवकान्त जैन के काव्य संग्रह नारद के संवाद और सोनचिरैया फिर चहकेगी पर डॉ.अमिता दुबे, मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल व आकर्षण जैन ने विचार रखे। राजकमल से प्रकाशित अफगानिस्तान से खत-ओ-किताबत का विमोचन वक्ता कथाकार हरीचरण प्रकाश, लेखक व पत्रकार डॉ.अटल तिवारी, पुरातत्वविद इंदु प्रकाश और पुरातत्वविद डॉ शमून अहमद ने किया। पुस्तक 1977 के अफगानिस्तान-ईरान पर आधारित है।
स्थानीय जिला आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि देवेंद्रपाल सिंह, सत्यकाम, राजेंद्र, नवनीत निगम सहित कई विद्वान मौजूद रहे। साधक वेद प्रकाश ने आंख पर पट्टी बांधकर लक्ष्य भेदने का रोमांचक प्रदर्शन किया। ज्योति किरण रतन के संयोजन में आज़ादी का अमृत महोत्सव विषयक आनलाइन प्रतियोगिताओं में अंकिता सिंह, रोहित सिंह, वन्दना गुप्ता, पल्लवी निगम, प्रखर कात्यायन, अराध्य, प्रणव तिवारी, दिव्यांशी गुप्ता, पलक वर्मा, राहुल, यशस्वी पोरवाल, तेजस्वी पोरवाल, षुभी अग्रवाल बड़ी संख्या में बच्चों व युवाओं ने भाग लेकर उत्साह दिखाया।
पुस्तक मेले में समापन दिवस के कार्यक्रम
पूर्वाह्न 10.00 बजे- राजकमल प्रकाशन की ओर से पुस्तक पाठ प्रतियोगिता
पूर्वाह्न 11.45 बजे- लक्ष्य संस्था का कवि सम्मेलन
दोपहर 1 बजे- विश्वम फाउंडेशन युवा मंच कार्यक्रम
दोपहर 2 बजे- कोरोना और हमारी मानसिक स्थिति विषयक चर्चा
दोपहर 4 बजे- डॉ अमिता दुबे की पुस्तक ‘संभावना के जुगनू’ का विमोचन-चर्चा
शाम 5ः30 बजे- पुस्तक मेला आयोजन समिति का सम्मान समारोह
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