होम कल फिर अमित शाह से मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह, जानें क्या है मुद्दा?
कल फिर अमित शाह से मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह, जानें क्या है मुद्दा?
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरूद्ध किसानों के वर्तमान आंदोलन के संभावित समाधान पर चर्चा करने के लिए वह गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे. सिंह ने कहा कि वह कुछ कृषि विशेषज्ञों के साथ शाह से मिलेंगे. उन्होंने कहा,'' कल यानी गुरुवार को मैं गृह मंत्री शाह से मिलने जा रहा हूं और मेरे साथ 25-30 लोग जाएंगे.''
कैप्टन ने यह भी कहा कि वह एक राजनीतिक दल शुरू करने की दहलीज पर हैं और जैसे ही चुनाव आयोग से नाम एवं निशान की मंजूरी मिल जाती है, वह दल की घोषणा कर देंगे. सिंह ने कहा, "मैं समझता हूं कि मैं समाधान तलाशने में मदद कर सकता हूं, क्योंकि मैं पंजाब का मुख्यमंत्री रहा हूं और कृषक भी हूं." उन्होंने कहा, "वह किसानों के मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बार मिल चुके हैं. उन्होंने कहा कि वैसे तो किसान आंदोलन के समाधान का पहले से तय फार्मूला नहीं हो सकता, लेकिन बातचीत से कुछ निकलकर सामने आएगा, क्योंकि दोनों ही पक्ष-केंद्र सरकार और किसान, कृषि कानूनों से उत्पन्न संकट का हल चाहते हैं."
किसान नेता के साथ नहीं की बैठक- कैप्टन
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उन्होंने किसी किसान नेता के साथ बैठक नहीं की है. उन्होंने कहा कि मैने इस मामले में जानबूझकर दखलअंदाजी नहीं की, क्योंकि किसान नहीं चाहते हैं कि नेता इसमें शामिल हों. उन्होंने कहा कि किसान नेताओं की केंद्र के साथ चार बैठकें बेनतीजा रही हैं, लेकिन अनौपचारिक वार्ता चल रही है.
बता दें कि कैप्टन अरिंदर सिंह इससे पहले भी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं. तब कैप्टन ने ट्वीट कर जानकारी दी थी, "अमित शाह से कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा की. उनसे क्रॉप डायवर्सिफिकेशन में पंजाब की मदद के अलावा तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के साथ गतिरोध को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया."
जल्द करेंगे नई पार्टी का एलान
वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज यानी बुधवार को कहा कि उन्होंने पार्टी के नाम और प्रतीक के लिए आवेदन किया है और निर्वाचन आयोग से मंजूरी मिलने के बाद वह इसकी घोषणा करेंगे. सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह जल्द ही अपनी नई पार्टी बनाएंगे और अगर तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों के हित में कुछ समाधान निकलता है, तो वह बीजेपी के साथ 2022 के चुनाव में सीटों के समझौते को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "मैं एक पार्टी का गठन कर रहा हूं, लेकिन मैं आपको अभी नाम नहीं बता सकता हूं. निर्वाचन आयोग से नाम और चुनाव चिह्न को मंजूरी मिलने के बाद ही मैं आपको इस बारे में बता पाऊंगा. निर्वाचन आयोग से मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा करें."
बता दें कि यह घटनाक्रम पंजाब विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पहले सामने आया. पिछले महीने राज्य सरकार से बाहर निकलने वाले सिंह ने कहा कि वह समान विचारधारा वाले दलों जैसे अकाली से अलग हुए समूहों के साथ गठबंधन पर भी विचार कर रहे हैं. दो बार मुख्यमंत्री रहे सिंह ने कहा था कि जब तक वह अपने लोगों और अपने राज्य का भविष्य सुरक्षित नहीं कर लेते, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे.
सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू से सियासी संघर्ष के बाद पिछले महीने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस्तीफे के बाद कहा कि वह अपमानित महसूस करते हैं. कांग्रेस ने उनकी जगह चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया. सिंह ने पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की और किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए उनसे तीन कृषि कानूनों को वापस लेकर इस संकट को सुलझाने की अपील की थी और अब एक बार फिर वो गृह मंत्री अमित शाह से इन्हीं मुद्दों को लेकर मुलाकात करने वाले हैं.
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।