होम पर्दे के पीछे क्या चाल. टाटा एयरबस C-295 को लेकर PM मोदी, महायुति पर क्यों बरसी कांग्रेस

समाचारदेशप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 28, 2024 09:08 PM

पर्दे के पीछे क्या चाल. टाटा एयरबस C-295 को लेकर PM मोदी, महायुति पर क्यों बरसी कांग्रेस

पर्दे के पीछे क्या चाल. टाटा एयरबस C-295 को लेकर PM मोदी, महायुति पर क्यों बरसी कांग्रेस

पर्दे के पीछे क्या चाल. टाटा एयरबस C-295 को लेकर PM मोदी, महायुति पर क्यों बरसी कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी ने टाटा-एयरबस C-295 विमान की इकाई को गुजरात के वडोदरा में स्थापित करके महाराष्ट्र के हितों का पूरी तरह आत्मसमर्पण किया है।

कांग्रेस ने दावा किया है कि C-295 विमान फैसिलिटी को पहले नागपुर में स्थापित किया जाना था लेकिन अब इसका उद्घाटन वडोदरा में किया गया है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा है कि महाराष्ट्र के लोग प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों को राज्य के साथ विश्वासघात के लिए कड़ा जवाब देंगे।

देश में C-295 सैन्य विमान के निर्माण के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल)-एयरबस इकाई के उद्घाटन के बाद जयराम रमेश ने यह प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस इकाई का उद्घाटन किया है। टाटा-एयरबस फैसिलिटी सैन्य विमानों के लिए भारत की पहली निजी क्षेत्र की असेंबली लाइन है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "आज, नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री टाटा-एयरबस C-295 विमान सुविधा का शुभारंभ करने के लिए वडोदरा में हैं। ये परियोजना नागपुर में स्थापित की जानी थी लेकिन 2022 में विधानसभा चुनावों से पहले इसे गुजरात में शिफ्ट कर दिया गया।" उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे क्या चाल चली गई यह कोई नहीं जानता है जिसकी वजह से महाराष्ट्र को यह बड़ा निवेश नहीं मिल पाया।"

जयराम रमेश ने आगे कहा, "यह पहली बार नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्र सरकार और महायुति सरकार ने कई परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में महाराष्ट्र के हितों का आत्मसमर्पण किया है।" कांग्रेस ने इस बात पर जोर डाला कि गुजरात के गिफ्ट सिटी में ही अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) स्थापित किया गया है। जयराम रमेश ने कहा, "डॉ. मनमोहन सिंह ने 2006 में इसे मुंबई में स्थापित करने की कोशिश शुरू की थी। IFSC के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में पहले से ही ज़मीन अलग रखी गई थी। लेकिन इसे बर्बाद कर दिया गया जिससे मुंबई में करीब 2 लाख नौकरियां चली गईं।" उन्होंने कहा कि टाटा-एयरबस विनिर्माण संयंत्र के साथ-साथ फेल हो चुकी वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर चिप फैक्ट्री को भी महाराष्ट्र से गुजरात भेज दिया गया था।

जयराम रमेश ने कहा कि टेक्सटाइल कमिश्नरेट कार्यालय जो 80 सालों से मुंबई में था उसे पिछले साल बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया जबकि मुंबई महानगर क्षेत्र टेक्सटाइल के लिए एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी पक्षपात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, "हम पूरे देश के समान विकास में विश्वास करते हैं। नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेष निवेश क्षेत्रों और आधुनिक उद्योग से सभी भारतीयों को लाभ होना चाहिए न कि केवल एक राज्य को।"

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