होम स्वाति मालीवाल केस में नही मिली जमानत तो HC की शरण में बिभव कुमार, फैसले को देंगे चुनौती

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 27, 2024 08:52 PM

स्वाति मालीवाल केस में नही मिली जमानत तो HC की शरण में बिभव कुमार, फैसले को देंगे चुनौती

स्वाति मालीवाल केस में नही मिली जमानत तो HC की शरण में बिभव कुमार, फैसले को देंगे चुनौती

स्वाति मालीवाल केस में नही मिली जमानत तो HC की शरण में बिभव कुमार, फैसले को देंगे चुनौती

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से झटका लगा है। अब बिभव कुमार दिल्ली हाई कोर्टा का दरवाजा खटखटाएंगे। दरअसल निचली अदालत ने स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले में बिभव कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

अब आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया है कि बिभव कुमार निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।

इससे पहले दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में बिभव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत में दोनों ही पक्षों की तरफ से दमदार दलीलें पेश की गईं। बिभव कुमार की तरफ से कोर्ट में पेश सीनियर वकील हरिहरन ने कहा कि स्वाति मालीवाल ने जानबूझ कर सीएम केजरीवाल के ड्राइंग रूम को चुना था क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इसके अलावा वकील ने यह भी दलील दी थी कि स्वाति मालीवाल बिना अप्वाइंटमेंट सीएम केजरीवाल से मिलने आई थीं। सुनवाई के दौरान स्वाति मालीवाल भी कोर्ट में मौजूद थीं और वो रोने लगीं।

एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव और माधव खुराना ने अदालत में स्वाति मालीवाल के लिए दलीलें दी। स्वाति मालीवाल की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि बिभव कुमार नॉर्मल आदमी नहीं हैं। मालीवाल की तऱफ से दलील दी गई कि जो सुविधा बिभव को दी जा रही थी वो किसी को नहीं दी जा रही है। आप सांसद की तरफ से वकीलों ने कहा है कि बिभव कुमार को जमानत मिलने पर उन्हें तथा उनके परिवार को जान का खतरा है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)