होम 2024 तक कैसे टिकेगी कांग्रेस-सपा की दोस्ती? सीट बंटवारे पर अखिलेश का दांव

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Oct 4, 2023 10:53 PM

2024 तक कैसे टिकेगी कांग्रेस-सपा की दोस्ती? सीट बंटवारे पर अखिलेश का दांव

2024 तक कैसे टिकेगी कांग्रेस-सपा की दोस्ती? सीट बंटवारे पर अखिलेश का दांव

2024 तक कैसे टिकेगी कांग्रेस-सपा की दोस्ती? सीट बंटवारे पर अखिलेश का दांव

साल 2024 का चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर एनडीए गठबंधन और विपक्षी एकता गुट इंडिया के बीच होने वाला है। विपक्षी गुट में शामिल समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस यूपी में खास तौर पर बीजेपी की राह मुश्किल करने को लेकर प्लान कर रही हैं।

मगर सियासत की बिसात पर दो पार्टियों का अपने हित को लेकर टकराव अक्सर देखा गया है। आने वाले लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और सपा की दोस्ती का लिटमस टेस्ट राजस्थान और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में होने वाला है। वहीं यूपी में वीआईपी सीटों पर सपा अपने कैंडिडेट्स को उतारने की प्लानिंग कर रही है। लोकसभा चुनाव में सपा के कैंडिडेट्स को लेकर कांग्रेस को किसी तरह ऐतराज न हो।।। यह मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद देखने को मिलेगा।

सपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में गठबंधन के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत कर रही है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को खुलासा किया कि आने वाले नवरात्रि में उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश में वीआईपी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा, "हम चाहते हैं कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश में एक साथ चुनाव लड़ें और भाजपा को हराएं।" उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सपा इकाई ने हमें कुछ सीटों के लिए नाम और उम्मीदवारों का सुझाव दिया है, लेकिन घोषणा कांग्रेस के साथ बातचीत के बाद की जाएगी।

एक सवाल के जवाब में सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी नवरात्रि के दौरान वीआईपी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी ने पहले ही जनता के समर्थन से बीजेपी को हराने की रणनीति बना ली है, जो अब बीजेपी को केंद्र से हटाने के लिए तैयार है।" अखिलेश यादव ने कहा कि आज हर समाज और पार्टी के लोग जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं।

सीटों के बंटवारे को लेकर इंडिया गुट की तमाम पार्टियों में खींचतान चल रही है। ऐसे में यूपी को लेकर भी सपा के उम्मीदवारों पर कांग्रेस एतराज जता सकती है। कांग्रेस यूपी में 2009 में जीती गई 21 सीटों पर दावेदारी कर रही है, जबकि सपा सिर्फ पांच सीटें ही कांग्रेस को देना चाहती है। जानकारों का मानना है कि यूपी में इंडिया गुट के सीटों का बंटवारा आने वाले विधानसभा के रास्ते ही तय हो पाएगा। अखिलेश यादव पहले ही बयान दे चुके हैं कि मध्यप्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस को हाथ मिलाना चाहिए। सपा मध्यप्रदेश और राजस्थान में सीटें चाहती हैं। अगर कांग्रेस इन राज्यों में सपा को गठबंधन का हिस्सा बनाती है तो यूपी में उसे पांच से ज्यादा सीटें देने पर विचार कर सकती है।

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