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समाचारदेशप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jan 16, 2022 09:15 PM

गोरखपुर के अलावा क्या अयोध्या से भी लड़ेंगे योगी, अखिलेश जोश में क्यों खो बैठे होश

गोरखपुर के अलावा क्या अयोध्या से भी लड़ेंगे योगी, अखिलेश जोश में क्यों खो बैठे होश

गोरखपुर के अलावा क्या अयोध्या से भी लड़ेंगे योगी, अखिलेश जोश में क्यों खो बैठे होश

उत्तर प्रदेश चुनाव में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक पलायन भी शुरू हो गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान और धर्म सिंह सैनी जैसे बड़े मंत्री भाजपा का दामन छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कितना नुकसान होगा? साथ ही साथ जिस तरीके से स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं उससे भगवा पार्टी कैसे निकल पाएगी, इसी को लेकर हमने चाय पर समीक्षा में चर्चा की। हमेशा की तरह प्रभासाक्षी के इस खास कार्यक्रम में संपादक नीरज कुमार दुबे मौजूद रहे। नीरज कुमार दुबे ने बताया कि नेताओं के जाने से जनता भी दूसरी तरफ चली जाती है, यह कोई जरूरी नहीं है। स्वामी प्रसाद मौर्य भले ही यह दावा कर रहे हो कि वह जिस पार्टी से गए उस पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन यह बात भी सच है कि भाजपा फिलहाल नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के रथ पर सवार है और उसे बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से चुनाव लड़ने को लेकर नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि भाजपा योगी आदित्यनाथ के जरिए पूर्वांचल के सभी सीटों को साधने की कोशिश कर रही है। साथ ही साथ स्वामी प्रसाद मौर्य गोरखपुर से लगे सीट से ही आते हैं। ऐसे में पार्टी को होने वाले नुकसान को कम करने में योगी आदित्यनाथ अहम साबित हो सकते हैं। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ को भाजपा ने गोरखपुर शहर से चुनावी मैदान में उतारा है। अब तक मायावती चुनावी मैदान में उतरने से मना कर चुकी हैं जबकि अखिलेश यादव भी सीधे-सीधे चुनावी मैदान में उतरने के सवाल पर जवाब नहीं दे रहे हैं। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि 5 साल तक सत्ता का मलाई खाने के बाद आप अगर किसी दूसरे दल में जाते हो तो इससे आपका स्वार्थ झलकता है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बातों पर विश्वास करना इसलिए भी जायज नहीं है क्योंकि आज से 5 दिन 7 दिन पहले ही वह भाजपा के दलित और पिछड़ों के लिए किए गए कार्यों को गिना रहे थे।भाजपा के बागी नेताओं का समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर नीरज दुबे ने माना कि अखिलेश यादव के लिए यह परिस्थितियां बेहद ही मुश्किल है। अखिलेश यादव को अपने ऐसे कई नेताओं को दरकिनार करना पड़ा होगा। यही कारण है कि अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कह दिया है कि अब वह अन्य दलों से आने वाले लोगों को समाजवादी पार्टी में शामिल नहीं करेंगे। नीरज दुबे ने यह भी कहा कि इतनी भारी संख्या में दूसरे दलों से आए लोगों को अगर अखिलेश यादव टिकट देंगे तो समाजवादी पार्टी में भी बगावत के स्वर उठने लगेंगे। देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव की रणनीति में अखिलेश यादव किस तरह से आगे बढ़ते हैं। लेकिन यह तो तय है कि मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच दिलचस्प होता जा रहा है। नीरज दुबे ने दावा किया कि अखिलेश यादव जोश में होश होते दिखाई दे रहे हैं। चुनाव से पहले वह अति उत्साही नजर आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ 2017 में दिखाई दिया था तब उन्हें बेहद ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा था।

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