होम तमिलनाडु में विजय का मास्टरस्ट्रोक! कांग्रेस को सौंप दी राज्यसभा सीट, अब 2029 की राजनीति पर सबकी नजर
तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की एकमात्र रिक्त राज्यसभा सीट अपने सहयोगी दल कांग्रेस को देने का फैसला किया है।
तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की एकमात्र रिक्त राज्यसभा सीट अपने सहयोगी दल कांग्रेस को देने का फैसला किया है। इस कदम को आगामी राजनीतिक समीकरणों, खासकर 2029 के चुनावों से पहले गठबंधन को और मजबूत बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा सीट कांग्रेस को देने का निर्णय दोनों दलों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत है। तमिलनाडु में टीवीके सरकार को समर्थन देने में कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। विधानसभा में कांग्रेस के पांच विधायक सरकार के पक्ष में खड़े हैं, जिससे सरकार को आवश्यक राजनीतिक स्थिरता मिल रही है।
राज्यसभा सीट को लेकर घोषणा होने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद संभावित उम्मीदवार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस अपने प्रमुख रणनीतिकार प्रवीण चक्रवर्ती को राज्यसभा भेज सकती है। माना जाता है कि कांग्रेस और टीवीके के बीच गठबंधन को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यह सीट अन्नाद्रमुक (AIADMK) नेता सी.वी. शन्मुगम के संसद सदस्य पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। हाल ही में शन्मुगम तमिलनाडु विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं, जिसके बाद राज्यसभा की यह सीट रिक्त हो गई थी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी का मानना है कि इससे संसद के उच्च सदन में उसकी उपस्थिति और प्रभाव दोनों मजबूत होंगे। कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “राज्यसभा में कांग्रेस की ताकत बढ़ेगी, जिससे भाजपा का अधिक प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकेगा।”
इस फैसले के बाद विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पार्टी प्रवक्ता ए. सरवनन ने आरोप लगाया कि टीवीके संसद में भाजपा से सीधे टकराव से बचना चाहती है और यह जिम्मेदारी कांग्रेस को सौंप रही है। सरवनन ने कहा, 'टीवीके संसद में भाजपा के साथ सीधे संघर्ष से बचना चाहती है, इसलिए उसने यह काम कांग्रेस को दे दिया है.'
हालांकि टीवीके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा कि यह निर्णय किसी राजनीतिक मुकाबले से बचने के लिए नहीं, बल्कि गठबंधन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। नेता ने कहा, “यह किसी तरह का जिम्मेदारी सौंपना नहीं है. हम कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन को और मजबूत कर रहे हैं. आखिर सिर्फ एक सांसद के साथ हम क्या कर सकते हैं?”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा सीट कांग्रेस को सौंपने का फैसला केवल एक संसदीय नियुक्ति नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति का संकेत भी हो सकता है। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि तमिलनाडु में टीवीके और कांग्रेस आने वाले चुनावों में अपने गठबंधन को और व्यापक रूप दे सकते हैं। फिलहाल इस कदम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।
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