होम US Midterm Election: ट्रंप की पार्टी को झटका, अभिषेक मनु सिंघवी बोले- ईरान ने अमेरिका में कर दिया Regime Change
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगता नजर आ रहा है। चुनाव में पार्टी के पिछड़ने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को भी एक संभावित वजह बताया जा रहा है।
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगता नजर आ रहा है। चुनाव में पार्टी के पिछड़ने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को भी एक संभावित वजह बताया जा रहा है। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने तंज कसते हुए कहा कि ईरान ने अमेरिका में ही सत्ता परिवर्तन यानी 'Regime Change' कर दिया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
भारत में भी विपक्ष लगातार सत्ता परिवर्तन और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में अमेरिका के चुनावी नतीजों को लेकर भी 'रिजीम चेंज' की टिप्पणी के जरिए भारतीय राजनीति पर निशाना साधा जा रहा है।
In a lighter vein… Results are showing that instead of POTUS, Iran has successfully completed regime change in the U.S.!
— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) November 4, 2026
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर चुनावी नतीजों को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा, ''हल्के-फुल्के अंदाज में कहें तो नतीजे बता रहे हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति के बजाय, ईरान ने अमेरिका में सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज) को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया है.''
सिंघवी की इस टिप्पणी को अमेरिका-ईरान संघर्ष और ट्रंप की पार्टी के चुनावी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके पोस्ट को सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने भी अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को लेकर तंज कसा। उन्होंने लिखा, ''ज्ञानेश कुमार ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते.''
इसके अलावा उन्होंने चुनावी नतीजों को लेकर लिखा, ''लोग नफरत की राजनीति के खिलाफ वोट कर रहे हैं, और जवाबदेही, नौकरियों तथा किफायती जीवन-यापन के पक्ष में वोट कर रहे हैं.''
अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के स्पीकर ने कहा, ''अंतरात्मा की आवाज हो या जीवन-यापन का सवाल, अमेरिकियों ने 'युद्ध को ना' कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं. अगर अमेरिकी सरकार अपने ही लोगों की इच्छा को धोखा देकर अंतरराष्ट्रीय आकाओं और ब्लैकमेलरों की सेवा करती है तो उसे पता चल जाएगा कि हमारे 'ना' के साथ एक भयानक दुःस्वप्न भी जुड़ा है.''
ईरान की इस टिप्पणी को अमेरिकी मतदाताओं के फैसले और युद्ध से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ''मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी बहुमत से जीत जाते. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.''
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिकी चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
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