होम UP-Japan Green Hydrogen Deal: जापान से हुआ बड़ा समझौता, Green Hydrogen का Hub बनेगा उत्तर प्रदेश!
उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गोमती नगर स्थित ताज होटल में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर उत्तर प्रदेश और जापान के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ।
उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गोमती नगर स्थित ताज होटल में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर उत्तर प्रदेश और जापान के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ। बैठक में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों और जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी समेत उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया।
बैठक में Green Hydrogen Technology, उत्पादन, रिसर्च और निवेश के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के नए इकोसिस्टम के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की Clean Energy Economy का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इसके उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल उद्योगों, भारी वाणिज्यिक वाहनों जैसे बसों और ट्रकों, उर्वरक निर्माण सहित कई क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए किया जा सकता है। इससे प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जापान के यामानाशी प्रांत के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में अपनी आधुनिक Power-to-Gas (P2G) तकनीक का प्रदर्शन किया। इस तकनीक में नवीकरणीय ऊर्जा की मदद से पानी का इलेक्ट्रोलिसिस कर Green Hydrogen तैयार किया जाता है।
बैठक में यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी (YHC) और कानाडेविया कॉरपोरेशन के सहयोग से उत्तर प्रदेश में एक High Capacity Pilot Project स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने रखा गया। प्रस्ताव के अनुसार परियोजना की Feasibility Study फरवरी 2027 तक पूरी करने और मार्च 2027 तक इसके Commercialization की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन Green Hydrogen उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार निवेश, तकनीकी नवाचार और Private Sector की भागीदारी को बढ़ावा दे रही है।
उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी-2024 के तहत परियोजनाओं में निवेश करने वालों को कई तरह के Incentives और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें परियोजना लागत पर 10 से 30 प्रतिशत तक Capital Subsidy, Stamp Duty में 100 प्रतिशत तक छूट और निजी विकासकर्ताओं के माध्यम से भूमि Lease पर उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में Research, Technical Innovation और Industrial Development को गति देने के लिए IIT कानपुर और IIT (BHU) वाराणसी में Center of Excellence स्थापित किए गए हैं।
इन केंद्रों के जरिए नई तकनीकों का विकास, रिसर्च, तकनीकी परीक्षण और Laboratory Level पर विकसित तकनीकों को Industrial Scale पर ले जाने में मदद मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता को मजबूत करने की दिशा में काम होगा।
ऊर्जा मंत्री ने उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और मजबूत Connectivity को Green Hydrogen Investment के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के अलावा Dedicated Freight Corridor (DFC), अंतर्देशीय जलमार्ग, Expressways, रेलवे और Metro Network जैसी परिवहन सुविधाएं मौजूद हैं।
इन सुविधाओं के कारण ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, Storage, Transportation और Industrial Use के लिए मजबूत Supply Chain विकसित करने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा प्रदेश का बड़ा औद्योगिक आधार, विशाल उपभोक्ता बाजार और Heavy Transport Sector हाइड्रोजन मोबिलिटी के लिए भी नए अवसर पैदा करता है।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित और संभावनाओं से भरपूर Investment Destination के रूप में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार Green Hydrogen के क्षेत्र में जापान की Advanced Technology, Expertise और Investment का स्वागत करती है। साथ ही इस क्षेत्र की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग देने की बात कही।
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के दौरान हुआ यह समझौता उत्तर प्रदेश में Green Hydrogen Ecosystem विकसित करने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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