होम Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 13, 2026 06:47 PM

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की जांच की मौजूदा स्थिति जानने के साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी किया है।

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की जांच की मौजूदा स्थिति जानने के साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

सुनवाई से पहले SIT की रिपोर्ट देखना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा और कहा कि वह इस मामले में अदालत की सहायता करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस मामले से जुड़ी चार याचिकाएं सूचीबद्ध थीं, लेकिन उन पर विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने कहा कि याचिकाओं पर विचार करने से पहले SIT की स्टेटस रिपोर्ट देखना उचित होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने SIT के सदस्यों का विवरण भी मांगा है।

तीन जजों की बेंच ने की सुनवाई

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने की, जिसमें जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।

कोर्ट में दाखिल चार याचिकाएं वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, वकील अजय कुमार राय, आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह और हिंदू धर्म परिषद की ओर से दायर की गई हैं।

याचिकाओं में क्या-क्या मांग की गई?

याचिकाओं में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने और विशेष SIT गठित करने की मांग की गई है। इसके अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) के गठन की भी मांग उठाई गई है।

याचिकाकर्ताओं ने ट्रस्ट का किसी स्वतंत्र एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट कराने और मंदिर को मिलने वाले दान की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मामला बताया

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। एक याचिका में सभी भक्तों के चढ़ावे को ट्रस्ट की पवित्र संपत्ति घोषित करने की मांग भी की गई है। साथ ही अदालत से अनुरोध किया गया है कि ट्रस्ट के पारदर्शी और भरोसेमंद प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)