होम राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, ड्यूटी से पहले तय होते थे सभी आरोपियों के रोल
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस कथित चोरी को अंजाम देने वाले आरोपी पूरी योजना के साथ काम करते थे।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस कथित चोरी को अंजाम देने वाले आरोपी पूरी योजना के साथ काम करते थे। ड्यूटी पर जाने से पहले सभी की जिम्मेदारियां तय कर दी जाती थीं और सुबह फोन पर कथित तौर पर पूरी रणनीति बनाई जाती थी कि किसे क्या भूमिका निभानी है।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि नोट निकालने से लेकर कैमरे का फोकस रोकने तक की पूरी योजना पहले से तैयार रहती थी। बरामद सीसीटीवी फुटेज ने पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा दिए गए कथित कबूलनामों की पुष्टि करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
सूत्रों के मुताबिक, कई फुटेज में अविनाश और मनीष नोटों को व्यवस्थित करने के दौरान कथित तौर पर उन्हें अपने कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई दिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी के दौरान अनुकल्प, करुणेश, लवकुश और अन्य आरोपी कथित तौर पर सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़े हो जाते थे, ताकि चोरी की गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें।
सूत्रों के अनुसार, चोरी की रकम सभी आरोपियों के बीच बराबर बांटी जाती थी, हालांकि कुछ मामलों में अविनाश के पास सबसे बड़ा हिस्सा रहने की बात भी सामने आई है। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी लगभग 70 बार कथित तौर पर सीसीटीवी कैमरों में चोरी करते हुए दिखाई दिए हैं।
पुलिस को इस बात का भी संदेह है कि आरोपियों की पहुंच सीसीटीवी कंट्रोल रूम तक हो सकती थी। जांच एजेंसियां उन कथित रूप से डिलीट की गई फुटेज की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनसे मामले के और तथ्य सामने आ सकते हैं।
सीसीटीवी फुटेज में कई मौकों पर सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव भी कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद दिखाई दिए हैं। अब पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें कथित चोरी की जानकारी थी या नहीं और इस पूरे मामले में उनकी क्या भूमिका रही।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "चढ़ावे की चोरी... अपने आप में शर्म और कलंक की बात है. राम मंदिर में ऐसी घटना का होना हमारे लिए सिर्फ अफसोस की बात नहीं है, बल्कि इससे हमें शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है. यह सिस्टम से जुड़ा मामला है. मुझे पूरा भरोसा है कि सिस्टम में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी..."
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