होम पिता के जन्म का प्रमाण कहां से लाऊं? SIR पर कपिल सिब्बल ने SC में उठाए सवाल
मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। याचिकाकर्ता आरजेडी सांसद मनोज झा की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बुधवार (26 नवंबर, 2025) को इस प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से अनुचित बताते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।
मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। याचिकाकर्ता आरजेडी सांसद मनोज झा की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बुधवार (26 नवंबर, 2025) को इस प्रक्रिया को 'व्यावहारिक रूप से अनुचित' बताते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच के सामने सिब्बल ने नागरिकता साबित करने के दायित्व और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) की भूमिका पर आपत्ति दर्ज कराई।
कपिल सिब्बल ने दलील दी कि एसआईआर में लागू किए जा रहे नियम विदेशी (नागरिक) अधिनियम के नियमों जैसे ही हैं, जहां नागरिकता साबित करने का दायित्व व्यक्ति पर है कि वह विदेशी नहीं है।
उन्होंने पूछा:
कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि नागरिकता तय करना स्कूल शिक्षकों (जो BLO नियुक्त हैं) के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है:
"कोई वोटर भारतीय नागरिक है या नहीं, ये तय करना बीएलओ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, क्योंकि जो बीएलओ नियुक्त किए गए हैं, वो सिर्फ स्कूल टीचर्स हैं।"
उन्होंने कहा, "नागरिकता निर्धारित करने के लिए एक स्कूल शिक्षक को बीएलओ के रूप में तैनात करना, मूल रूप से और प्रक्रियात्मक रूप से एक खतरनाक और अनुचित प्रस्ताव है।"
सिब्बल की दलीलों पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा:
"लेकिन अगर आपके पिता का नाम सूची में नहीं है और आपने भी इस पर काम नहीं किया... तो शायद आप चूक गए..."
कोर्ट अब 2 दिसंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा।
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