होम Saudi Arabia में फंसे 4,000 भारतीय उमरा यात्री! ओवैसी ने DGCA से की बड़ी मांग, Special Flights चलाने की अपील
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई सेवाओं के प्रभावित होने के कारण करीब 4,000 भारतीय उमरा यात्री मक्का और मदीना समेत सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई सेवाओं के प्रभावित होने के कारण करीब 4,000 भारतीय उमरा यात्री मक्का और मदीना समेत सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं। उड़ानें रद्द होने से इन यात्रियों की स्वदेश वापसी में परेशानी आ रही है। इस मामले को लेकर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने एयरलाइंस को बड़े विमानों के संचालन की अनुमति देने या यात्रियों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की अपील की है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के कारण सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इसके चलते भारत से उमरा करने पहुंचे हजारों यात्रियों की वापसी में देरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक, करीब 4,000 भारतीय यात्री मक्का, मदीना और जेद्दा में फंसे हुए हैं।
इस स्थिति को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि तीर्थयात्री बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपने घर लौट सकें।
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से भारतीय यात्रियों की वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित एयरलाइंस को बड़े विमानों के संचालन की अनुमति दी जाए, जिससे अधिक यात्रियों को एक साथ भारत लाया जा सके।
ओवैसी ने एक्स पर लिखा, 'इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की उड़ानें रद्द होने की वजह से भारत के लगभग 4,000 तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. DGCA इन एयरलाइंस को बड़े विमान चलाने की अनुमति दे ताकि तीर्थयात्री देश लौट सकें. अगर बड़े विमानों की इजाजत नहीं दी जा सकती, तो कम से कम सरकार इन यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स का इंतजाम करे.'
उनकी मांग है कि यदि मौजूदा उड़ानों से यात्रियों को वापस लाना संभव नहीं है, तो सरकार विशेष विमानों के जरिए उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि कई भारतीय उमरा यात्री पिछले दो से तीन सप्ताह से मदीना, जेद्दा और मक्का में फंसे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रैवल एजेंट यात्रियों को उनके हाल पर छोड़कर चले गए हैं, जिसके कारण उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
ओवैसी ने DGCA से इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया को एयरबस A321 जैसे बड़े विमानों से जेद्दा के लिए उड़ान भरने की अनुमति देने की मांग की। उनके मुताबिक, इससे ज्यादा यात्रियों को वापस लाने में मदद मिल सकती है।
AIMIM प्रमुख ने यह भी कहा कि फंसे हुए यात्रियों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लोग शामिल हैं। ऐसे में उनके लिए सऊदी एयरलाइंस के महंगे टिकट खरीदकर भारत लौटना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने सरकार से यात्रियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।
असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि अगर DGCA संबंधित एयरलाइंस को उड़ान संचालित करने की अनुमति नहीं देता है, तो सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। इसके तहत विशेष विमान भेजकर फंसे हुए सभी भारतीय उमरा यात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्वदेश लाने की मांग की गई है।
ओवैसी के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उन्हें लंबे समय तक दूसरे देश में परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सऊदी अरब में हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों की खबरों के बीच उड़ानों के संचालन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। खबर में यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। इन परिस्थितियों के कारण कुछ उड़ानें रद्द होने और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
11 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के संबंध में खबर में 13 लोगों की मौत का उल्लेख किया गया है। इनमें हैदराबाद के एक तीर्थयात्री के शामिल होने का दावा भी किया गया है। इसी घटना में 11 भारतीयों समेत 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा, 21 अक्टूबर की रात दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले के संबंध में भी दो लोगों की मौत और आठ अन्य के घायल होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन घटनाओं के आंकड़ों और जिम्मेदार पक्षों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
सऊदी अरब में फंसे हजारों भारतीय उमरा यात्रियों की समस्या के समाधान के लिए अब विशेष उड़ानों और बड़े विमानों के संचालन की मांग उठ रही है। असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से जल्द कदम उठाने की अपील की है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
फिलहाल यात्रियों की वापसी के लिए किसी विशेष उड़ान की व्यवस्था किए जाने की जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है। ऐसे में यात्रियों और उनके परिजनों की नजर सरकार तथा संबंधित विमानन अधिकारियों के अगले कदम पर बनी हुई है।
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