होम लद्दाख को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, लेफ्टिनेंट गवर्नर से छीन ली ₹100 करोड़ तक की पावर

समाचारदेशराजनीति Alert Star Digital Team Nov 28, 2025 06:11 PM

लद्दाख को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, लेफ्टिनेंट गवर्नर से छीन ली ₹100 करोड़ तक की पावर

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक अहम फैसले में लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) से उनकी मौजूदा डेलीगेटेड फाइनेंशियल पावर छीन ली हैं। अब ₹100 करोड़ रुपये तक की स्कीमों और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की शक्ति सीधे भारत सरकार का गृह मंत्रालय इस्तेमाल करेगा।

लद्दाख को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, लेफ्टिनेंट गवर्नर से छीन ली ₹100 करोड़ तक की पावर

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक अहम फैसले में लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) से उनकी मौजूदा डेलीगेटेड फाइनेंशियल पावर छीन ली हैं। अब ₹100 करोड़ रुपये तक की स्कीमों और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की शक्ति सीधे भारत सरकार का गृह मंत्रालय इस्तेमाल करेगा। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले निर्देशों के आधार पर इस संबंध में एक ऑर्डर जारी किया है।

किन शक्तियों को MHA को सौंप दिया गया है?

इस नई गाइडलाइन से लद्दाख के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आया है:

अधिकारी/विभागपहले की शक्ति (छीन ली गई)अब मंजूरी देगा
लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG)₹100 करोड़ तक की स्कीम/प्रोजेक्ट्स की मंजूरी (PPP मोड सहित)केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA)
एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी₹20 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की फाइनेंशियल पावरMHA
चीफ इंजीनियर/डिपार्टमेंट हेड₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ के बीच के अलग-अलग काम को मंजूरी देने की पावरMHA
डिप्टी कमिश्नर (CEO, हिल डेवलपमेंट काउंसिल)₹5 करोड़ रुपये तक के अलग-अलग कामों को मंजूरी देने की शक्तिMHA

इन बदलावों से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर काम करने वाले अधिकारी, जिनमें डिप्टी कमिश्नर भी शामिल हैं, अब प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाएंगे।

हिल काउंसिल और बजटीय सीमा पर निर्देश

  • हिल काउंसिल: चुनाव में देरी के कारण लेह हिल काउंसिल पांच साल का टर्म पूरा करने के बाद खत्म हो गई है, जिसकी शक्तियां डिप्टी कमिश्नर लेह को दी गई हैं। कारगिल हिल काउंसिल अभी बनी हुई है।
  • नए प्रपोजल: ऑर्डर में कहा गया है कि प्रोजेक्ट्स/स्कीमों के अप्रेजल और अप्रूवल के सभी नए प्रपोजल अब सीधे MHA को सबमिट किए जाएंगे। ये प्रपोजल प्लानिंग डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट, लद्दाख के जरिए भेजे जाएंगे।
  • LG की आकस्मिक शक्ति: हालांकि, LG लद्दाख के पास बजटीय सीमा के अंदर आकस्मिक और विविध खर्च करने की पूरी शक्ति होगी, बशर्ते कि फाइनेंशियल सीमा जनरल फ़ाइनेंशियल रूल्स के नियमों के अनुसार हो। चीफ सेक्रेटरी के लिए यह सीमा ₹1 करोड़, फाइनेंस सेक्रेटरी के लिए ₹75 लाख और HoD के लिए ₹30 लाख तक है।

यह भी साफ किया गया कि जिन स्कीम/प्रोजेक्ट्स को MHA ऑर्डर जारी होने से पहले मंजूरी मिल चुकी है या जिनका टेंडर हो चुका है, वे पहले दी गई शक्तियों के तहत ही चलते रहेंगे।

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