होम 1984 दंगो के न्याय के नाम पर सिखों के साथ कांग्रेस ने हमेशा छला है: मीनाक्षी लेखी
1984 दंगो के न्याय के नाम पर सिखों के साथ कांग्रेस ने हमेशा छला है: मीनाक्षी लेखी
''1984 के नरसंहार को कोई नहीं भूलने वाला है, 37 साल बाद भी वह आज भी हमारे जेहन में वैसे ही जिंदा है। एक ऐसा नरसंहार जिससे देश का नाम बदनाम हुआ और वह आज भी एक काले अध्याय के रूप में भारतीय इतिहास में छपा है।ÓÓ केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने यह विचार आज एक कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी जो लोग हमें विभाजित करके शासन करना चाहते हैं उनसे बचने की जरूरत है।
मीनाक्षी लेखी ने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में हमेशा ही सिखों के साथ छलावा होता रहा। एसआईटी का झांसा देकर झूठी तस्सली दी गई जबकि न्याय की जगह सिखों को सिर्फ इंतजार ही मिला लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद एसआईटी गठित हुई, जांच हुई फिर सजा मिलनी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि 84 के दंगों के बाद जो लोग गांधीवादी थे वे भी कांग्रेस का साथ छोड़ गए। इतना ही नहीं चार आयो, नौ कमेटी, दो एसआईटी गठित होने का सिर्फ कांग्रेस ने छलावा किया क्योंकि इन सब के बावजूद दंगो के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2015 में नरेन्द्र मोदी सरकार आने के बाद एसआईटी टीम बनी, फिर से मामले खुलवाए गए तब शामिल दोषियों को सजा मिलनी शुरू हुई। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 84 के दंगे को ना भूलेंगे और ना ही माफ करेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह ने कहा कि 1984 के दंगों की लड़ाई लड़ते हुए आज 37 साल हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के चलते ही सज्जन कुमार जैसे लोग जेल गए हैं। यह लड़ाई अभी लंबी है लेकिन हम इसे जरूर लड़ेंगे और 84 के जनसंहार के बाकी दोषियों को भी सजा दिलवाएंगे। नरेंद्र मोदी से ही उम्मीद है कि उनके रहते ही न्याय मिलेगा। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जाति-धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबको पता है और दिल्लीवासी ये समझ चुके हैं। इसलिए इनके छलावे में अब कोई नहीं आने वाला। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा सिख प्रकोष्ठ के सह प्रभारी गुरमीत सिंह, संयोजक कुलविंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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