होम सबरीमाला मंदिर में सोने की परत पर घोटाले का आरोप, शादी में इस्तेमाल करना चाहता था बचा सोना — कोर्ट ने दिए जांच के आदेश
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट में हुए खुलासे के बाद पता चला कि प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी ने मंदिर में सोने की परत के काम के बाद बचा हुआ सोना अपनी बहन की शादी में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी..
Sabarimala Gold Plating Scam: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट में हुए खुलासे के बाद पता चला कि प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी ने मंदिर में सोने की परत के काम के बाद बचा हुआ सोना अपनी बहन की शादी में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। अब इस पूरे मामले में अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए सतर्कता जांच और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है।
सोमवार को केरल हाईकोर्ट ने मंदिर के द्वारपालक मूर्तियों पर सोने या तांबे की परत में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए आदेश जारी किया। कोर्ट ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एच. वेंकटेश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की है, जो 6 सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करेगी। इस जांच की निगरानी त्रिशूर के केईपीए के सहायक निदेशक एस. शशिधरन (IPS) करेंगे।
मामला मंदिर के गर्भगृह के बाहर द्वारपालक की पत्थर की मूर्तियों पर चढ़ाई गई सोने की परत से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने इन पैनलों को मरम्मत के लिए हटाकर उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंप दिया था।
इसी दौरान खुलासा हुआ कि पोट्टी ने बचा सोना अपनी बहन की शादी में उपयोग करने की अनुमति मांगी थी।
इस विवाद के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने देवस्वम बोर्ड मंत्री वी.एन. वासवन से इस्तीफे की मांग की है। सोमवार को विपक्षी दलों ने विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष का कहना है कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, वे सदन नहीं चलने देंगे।
बोर्ड ने सोने की चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
बोर्ड के अनुसार —
बोर्ड ने यह भी बताया कि 2019 में मरम्मत के समय “स्मार्ट क्रिएशन्स” और उन्नीकृष्णन पोट्टी ने 40 साल की वारंटी दी थी। इसलिए 2025 में भी वही स्पॉन्सर शामिल रहा।
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