नई दिल्ली: भारत और इजरायल के रिश्तों में गर्माहट और रणनीतिक महत्व को दर्शाते हुए, बुधवार (7 जनवरी, 2026) को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन किया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले एक महीने के भीतर यह उनकी दूसरी बार बात हुई है।
फोन कॉल की 3 बड़ी बातें:
- आतंकवाद पर कड़ा रुख:पीएम मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद (Counter-Terrorism) के खिलाफ और मजबूती से लड़ने के अपने इरादे को दोहराया है। दोनों देशों ने आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर सहमति जताई।
- रणनीतिक साझेदारी:बातचीत के दौरान आने वाले साल में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने नेतन्याहू और इजरायल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं।
- क्षेत्रीय हालात:दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) और आसपास के क्षेत्रीय हालात पर भी अपने विचार साझा किए।
क्यों अहम है यह कॉल? (दौरा रद्द होने के बाद बातचीत)
- एक महीने में दूसरी कॉल: इससे पहले दोनों नेताओं ने 10 दिसंबर, 2025 को बात की थी। इतनी जल्दी दोबारा बात होना दोनों देशों के बीच गहरे समन्वय को दिखाता है।
- नेतन्याहू का दौरा टला था: याद दिला दें कि पीएम नेतन्याहू दिसंबर 2025 में भारत आने वाले थे, लेकिन सुरक्षा कारणों (दिल्ली में लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके के संदर्भ में) और अन्य वजहों से यह दौरा रद्द हो गया था। यह तीसरी बार था जब उनकी यात्रा टाली गई।
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