होम नोबेल शांति पुरस्कार 2025: क्या डोनाल्ड ट्रंप को मिलेगा सम्मान? जानिए पूरी चयन प्रक्रिया और कौन करता है फैसला
हर साल की तरह अक्टूबर का महीना एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान — नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) — की घोषणा का समय लेकर आया है। विज्ञान, साहित्य, चिकित्सा, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
नई दिल्ली। हर साल की तरह अक्टूबर का महीना एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान — नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) — की घोषणा का समय लेकर आया है। विज्ञान, साहित्य, चिकित्सा, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस बार चर्चा में एक नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी है — लेकिन सवाल यह है कि क्या उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2025 मिल सकता है? आइए जानते हैं, आखिर नोबेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया क्या होती है और विजेताओं का चुनाव कौन करता है।
नोबेल पुरस्कारों का संचालन नोबेल फाउंडेशन (Nobel Foundation) करती है, जो चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालती है।
विभिन्न क्षेत्रों के विजेताओं का चयन अलग-अलग संस्थाएं करती हैं —
हर संस्था अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों की सिफारिशों और अध्ययनों के आधार पर सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है।
नोबेल पुरस्कारों का चयन लगभग 8 महीने लंबी प्रक्रिया से गुजरता है।
नोबेल फाउंडेशन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गोपनीयता (Confidentiality) है।
किसी उम्मीदवार को किसने नामांकित किया, यह जानकारी 50 साल तक सार्वजनिक नहीं की जाती। यहां तक कि कई बार विजेताओं को भी पता नहीं होता कि उन्हें किसने नामांकित किया था।
इस गोपनीयता का उद्देश्य होता है कि निर्णय पर राजनीतिक या सामाजिक दबाव का कोई असर न पड़े।
नोबेल शांति पुरस्कार केवल जीवित व्यक्ति या सक्रिय संगठनों को ही दिया जा सकता है।
नामांकन करने के योग्य लोगों में शामिल हैं —
हर साल लगभग 300 से अधिक नामांकन आते हैं, लेकिन अंत में केवल एक या दो नाम ही विजेता के रूप में घोषित किए जाते हैं।
इस साल के शांति पुरस्कार को लेकर दुनियाभर में चर्चा है — क्या डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल या नीतियों के चलते नामांकन सूची में शामिल हैं या नहीं, यह आधिकारिक रूप से पता नहीं चलता।
लेकिन तय है कि नोबेल कमेटी अपने 123 साल पुराने नियमों के तहत वही व्यक्ति या संगठन चुनेगी, जिसने दुनिया में शांति और मानवता के लिए असाधारण योगदान दिया हो।
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