होम Nashik Tribal Students Protest: 12 दिन की भूख हड़ताल पर CJP नेता अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, सरकार से पूछे तीखे सवाल

समाचारदेश Alert Star Digital Team Sep 4, 2026 11:45 AM

Nashik Tribal Students Protest: 12 दिन की भूख हड़ताल पर CJP नेता अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, सरकार से पूछे तीखे सवाल

महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार (3 सितंबर) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ईदगाह मैदान पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात की।

Nashik Tribal Students Protest: 12 दिन की भूख हड़ताल पर CJP नेता अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, सरकार से पूछे तीखे सवाल

महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार (3 सितंबर) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ईदगाह मैदान पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उनसे स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, साथ ही कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहना चाहिए।

12 दिनों से भूख हड़ताल पर आदिवासी छात्र

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नासिक में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन और शिक्षा में मौजूद असमानता पूरी तरह अस्वीकार्य है।

दीपके ने कहा, “नासिक में उन आदिवासी छात्रों से मुलाकात की, जो 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं.”

उन्होंने छात्रों से उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी मांगों के लिए छात्रों को संघर्ष जारी रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी लोग मिलकर मुंबई तक मार्च कर सकते हैं।

'590 आदिवासी छात्रों की मौत', दीपके ने उठाए सवाल

CJP नेता ने दावा किया कि आदिवासी छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन और शिक्षा में भारी असमानता के चलते दो वर्षों के भीतर 590 आदिवासी छात्रों की मौत हुई है। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि बेहतर भोजन, अच्छे हॉस्टल और बेहतर स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए छात्रों को भूख हड़ताल करने की स्थिति में नहीं आना चाहिए।

दीपके ने कहा, “मैंने उनसे उनकी सेहत को देखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की, लेकिन उन्हें अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखना चाहिए. जरूरत पड़ने पर हम सभी मिलकर मुंबई तक मार्च करेंगे.”

एक छात्र की हालत गंभीर, अस्पताल में कराया गया भर्ती

अभिजीत दीपके ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहे एक छात्र की हालत गंभीर हो गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं तो उनकी मांगें आखिर क्या हैं।

दीपके ने कहा, “सबसे जरूरी सवाल यह है कि ये छात्र 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन वे क्या मांग रहे हैं? कि उन्हें अच्छा खाना मिले, हॉस्टल अच्छे मिले, स्कूल अच्छे हो जाएं. इसके लिए आपको 12 दिन भूखा रहना पड़ेगा. क्या हो रहा इस देश में, सरकार कब जागेगी? इन लोगों के आप वोट लेते हो, जमीन लेते हो, जमीन हड़पते हो और जब ये बस अच्छी शिक्षा मांगते हैं, अच्छे स्कूल मांगते हैं, अच्छे हॉस्टल मांगते हैं तो आप इन पर मामले दर्ज करते हैं, इन पर केस दर्ज किए गए.”

'क्या मंत्री अपने बच्चों को यही खाना खिलाएंगे?'

आदिवासी छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी दीपके ने सरकार और मंत्रियों से सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को समय पर भोजन भी नहीं मिल रहा है। दीपके ने कहा, “क्या आप अपने बच्चों को वही खाना खिलाएंगे जो इन बच्चों को मिलता है? रात के 2 बजे खाना बनता है और इन बच्चों को वह दोपहर में खाने को मिलता है. मैं मंत्रियों से पूछना चाहता हूं कि क्या आपके बच्चे यह खाना खाएंगे?”

उन्होंने कहा कि जब आदिवासी बच्चे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं। नासिक के ईदगाह मैदान में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए 100 से अधिक आदिवासी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से तीन छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

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