होम Ramlila Maidan में उमड़ा जनसैलाब! कपिल सिब्बल का दावा- 5-6 लाख लोग थे, BJP पर भी कसा तंज
दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की रैली पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की रैली पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। निर्दलीय राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार, 2 नवंबर को रैली में उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां पांच से छह लाख लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के कारण उन्हें रामलीला मैदान तक पहुंचने में काफी समय लगा और बैरिकेडिंग की वजह से अंदर जाने के लिए इंतजार भी करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा।
कपिल सिब्बल ने रैली में उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने रविवार को जनसैलाब देखा। उनके मुताबिक, रामलीला मैदान पहुंचने में ही करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लग गया। वहां पहुंचने पर बैरिकेडिंग की गई थी, क्योंकि मैदान का हर हिस्सा लोगों से भरा हुआ था।
उन्होंने बताया, "हम आगे नहीं बढ़ पा रहे थे. पुलिस ने ये कहा कि जैसे ही हम बैरिकेड खोलेंगे सारा जन सैलाब उधर चला जाएगा तो सिक्योरिटी का क्या होगा? वहां 20 मिनट तक हमें रुकना पड़ा, ये पुलिस को बताने के लिए हमें तो जाना ही है, नहीं तो रैली हो ही नहीं पाएगी."
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रैली में शामिल लोगों की संख्या का अनुमान बताते हुए कहा, "लोग भी समझ गए कि हमें अंदर नहीं जाना चाहिए. लाखों की तादाद में लोग थे. मेरा जो अपना अनुमान है, वो पांच छह लाख लोग थे. पार्क भरे हुए थे, कनॉट प्लेस में लोग भरे हुए थे. इर्दगिर्द जो भी रास्ते थे सब भरे हुए थे. कोई मुझे खाली दिख ही नहीं रहा था."
सिब्बल के इस बयान के बाद रैली में शामिल लोगों की संख्या को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पांच से छह लाख लोगों की संख्या उनका व्यक्तिगत अनुमान है।
कपिल सिब्बल ने बीजेपी की ओर से लोकतंत्र के मुद्दे पर आयोजित की जा रही रैलियों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "इनको थोड़ी फिक्र लग रही है. सुना है कि लोकतंत्र बचाओ की कुछ रैलियां कर रहे हैं. इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष 100-200 लोगों के साथ रोहतक पहुंच गए. इनको रैली करनी चाहिए थी कि हमें बचाओ. लोकतंत्र बचाओ कि रैली क्यों करते हैं? हमें बचाओ किसी तरीके से."
उनकी इस टिप्पणी को बीजेपी की राजनीतिक गतिविधियों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। सिब्बल ने विपक्ष की रैली में जुटी भीड़ का उल्लेख करते हुए बीजेपी की रैलियों पर सवाल उठाए।
रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा शामिल हुए। इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।
यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की गई थी। विपक्षी नेताओं ने इसे सफल बताते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन कहा। वहीं, एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने और चुनाव प्रक्रिया पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।
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