होम ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब नहीं देना होगा मिनिमम बैलेंस का जुर्माना, IOB का बड़ा फैसला

समाचारअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team Oct 2, 2025 07:32 PM

ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब नहीं देना होगा मिनिमम बैलेंस का जुर्माना, IOB का बड़ा फैसला

भारतीय ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB) पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब बचत खाता धारकों को मिनिमम बैलेंस न रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं देनी होगी।

ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब नहीं देना होगा मिनिमम बैलेंस का जुर्माना, IOB का बड़ा फैसला

Indian Overseas Bank News: भारतीय ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB) पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब बचत खाता धारकों को मिनिमम बैलेंस न रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं देनी होगी।

30 सितंबर तक पुराने नियम लागू

बैंक की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक ग्राहकों को पुराने नियमों के तहत ही चार्ज देना होगा। लेकिन 1 अक्टूबर 2025 से नया नियम लागू हो जाएगा और खाताधारकों को मिनिमम बैलेंस न रखने पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगेगा।

छोटे खाताधारकों और पेंशनधारकों को लाभ

इस कदम से खासतौर पर छोटे खाताधारकों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। अक्सर जानकारी की कमी या खाते में पर्याप्त पैसा न होने की वजह से उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

बैंक का मकसद क्या है?

IOB के एमडी और सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा—
“बैंक का उद्देश्य हर ग्राहक को आसान और सुलभ बैंकिंग सुविधा देना है। न्यूनतम शेष राशि पर पेनाल्टी हटाने से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा।”

क्या होता है न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB)?

न्यूनतम औसत शेष राशि वह रकम है, जिसे खाताधारक को महीनेभर अपने बचत खाते में बनाए रखना होता है। ऐसा न करने पर बैंक पेनाल्टी वसूलती है। अलग-अलग बैंकों और खातों के प्रकार के अनुसार यह राशि अलग-अलग होती है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)