होम India Under 19 Cricket Team: क्रिकेटर बेटे ने इंग्लैंड में मचाया तहलका, पिता हैं ट्रक ड्राइवर, चर्चा हर जगह
India Under 19 Cricket Team: जब भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम इंग्लैंड के लीड्स में पहला टेस्ट मैच 5 विकेट से हार रही थी, तब भारत की युवा टीम ने इंग्लैंड की सरजमीं पर एक नई ऊंचाई पर पहुंचते हुए इंग्लैंड यंग लॉयन्स को 231 रन से मात दी।
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India Under 19 Cricket Team: जब भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम इंग्लैंड के लीड्स में पहला टेस्ट मैच 5 विकेट से हार रही थी, तब भारत की युवा टीम ने इंग्लैंड की सरजमीं पर एक नई ऊंचाई पर पहुंचते हुए इंग्लैंड यंग लॉयन्स को 231 रन से मात दी। इस शानदार जीत के नायक बने अंडर-19 टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज हरवंश पंगालिया, जिनकी तूफानी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को खामोश कर दिया।
हरवंश पंगालिया का परिवार कच्छ, गुजरात के गांधीधाम का रहने वाला है। उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं, और यह जोड़ी अब कनाडा के ब्रैम्पटन में रहती है। वहीं, हरवंश पंगालिया का क्रिकेट करियर अपनी अलग ही पहचान बना रहा है, और उनके लिए यह सफर बेहद प्रेरणादायक है।
इंग्लैंड के लफबरो में खेले गए इस वनडे मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 442 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जहां आईपीएल स्टार्स जैसे कप्तान आयुष म्हात्रे (1 रन) और 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी (17 रन) फ्लॉप हो गए, वहीं हरवंश पंगालिया ने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन की शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
हरवंश की 103 रनों की शतकीय पारी में 8 चौके और 9 छक्के शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को न केवल हिला दिया, बल्कि वे मैच में वापसी करने का भी सोच नहीं सके।
हरवंश के अलावा राहुल कुमार (73), कनिष्क चौहान (79) और आरएस अंबरीश (72) ने भी शानदार पारियां खेलीं। गेंदबाजी में भी दीपेश देवेन्द्रन ने 3 विकेट झटके, जबकि नमन पुष्पक और विहान मल्होत्रा ने 2-2 विकेट लेकर इंग्लैंड यंग लॉयन्स को 211 रन पर ऑलआउट कर दिया।
18 वर्षीय हरवंश पंगालिया की क्रिकेट यात्रा सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी नीलकंठ क्रिकेट अकादमी में कोच नकुल अयाची के मार्गदर्शन में तैयार की। उनका परिवार अब कनाडा में रहता है, जहां उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। लेकिन इस सब के बावजूद, हरवंश का सपना हमेशा से भारत की राष्ट्रीय टीम में खेलने का रहा है, और वह इस सपना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
हरवंश की यह कहानी न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर मेहनत और लगन हो तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनके पिता का संघर्ष और हरवंश का लक्ष्य इस पूरी कहानी को और भी दिलचस्प बनाते हैं।
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