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समाचारदेश Alert Star Digital Team Feb 24, 2026 10:27 PM

साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का सफर.., नए PMO में हुई कैबिनेट की पहली बैठक

भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। राजधानी दिल्ली में बनकर तैयार हुए नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर— सेवा तीर्थ (Seva Teerth) में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई।

साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का सफर.., नए PMO में हुई कैबिनेट की पहली बैठक

भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। राजधानी दिल्ली में बनकर तैयार हुए नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर— 'सेवा तीर्थ' (Seva Teerth) में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक को 'नए भारत' के नवनिर्माण, स्वदेशी सोच और संवैधानिक मूल्यों की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया जा रहा है।

'140 करोड़ देशवासियों की सेवा का लिया संकल्प'

सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 'सेवा तीर्थ' में हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में एक बड़ा संकल्प लिया गया। मंत्रिमंडल ने तय किया कि इस नए परिसर में लिया गया हर एक निर्णय 140 करोड़ देशवासियों की सेवा भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्यों से सीधा जुड़ा रहेगा। यहां की कार्य संस्कृति पूरी तरह से भारतीय संविधान की मूल भावना— गरिमा, समानता और न्याय— के अनुरूप होगी।

PM मोदी ने 'X' पर साझा किया संदेश और खास संस्कृत मंत्र

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

  • सनातन कैलेंडर का जिक्र: पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में सनातन पंचांग का जिक्र करते हुए लिखा, "युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन 'सेवा तीर्थ' में केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें देश के लिए कई अहम फैसले लिए गए।"
  • स्वदेशी सोच: उन्होंने इस नए परिसर को स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और देशवासियों की असीम क्षमता का प्रतीक बताया।
  • कल्याणकारी मंत्र: अपने संदेश के अंत में पीएम मोदी ने एक पवित्र संस्कृत मंत्र “यद् भद्रं तन्न आ सुव” भी साझा किया, जिसका अर्थ है— 'जो भी शुभ और कल्याणकारी विचार हैं, वे हमें निरंतर प्राप्त होते रहें।'

साउथ ब्लॉक की औपनिवेशिक विरासत से 'स्वदेशी' सेवा तीर्थ तक

आजादी के बाद दशकों तक भारत का प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 'साउथ ब्लॉक' (South Block) से संचालित होता रहा है। यहीं से कई सरकारों ने देश की विरासत को संभाला और भविष्य की नीतियां बनाईं। अब 'सेवा तीर्थ' को उसी प्रशासनिक सोच का एक आधुनिक और स्वदेशी रूप बताया जा रहा है, जो गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़कर भारत के अपने विजन और ढांचे का एक बेहतरीन संगम है।

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