होम Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली-NCR में बारिश के बाद भूकंप का डबल अटैक, डरावना संयोग या महज इत्तेफाक?
प्रादेशिकीदिल्ली
Alert Star Digital Team
Jul 10, 2025 11:03 AM
Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली-NCR में बारिश के बाद भूकंप का डबल अटैक, डरावना संयोग या महज इत्तेफाक?
गुरुवार सुबह दिल्ली-NCR में लोगों की नींद एक अजीब डर के साथ टूटी। रात भर की मूसलाधार बारिश के बाद सुबह रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर को हिला दिया।
गुरुवार सुबह दिल्ली-NCR में लोगों की नींद एक अजीब डर के साथ टूटी। रात भर की मूसलाधार बारिश के बाद सुबह रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर को हिला दिया। यह झटके लगभग 10 सेकंड तक महसूस किए गए और धरती के अंदर से गड़गड़ाहट की आवाज ने माहौल को और भी भयावह बना दिया।
क्यों डरा रहा है ये संयोग?
लोगों में डर की एक बड़ी वजह ये है कि बारिश के तुरंत बाद भूकंप आया। सवाल उठने लगे—क्या ये किसी प्राकृतिक आपदा की आहट है? क्या बारिश और भूकंप का कोई संबंध होता है?
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
- नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में था, जो 10 किमी की गहराई पर स्थित था।
- एक्सपर्ट्स के अनुसार, बारिश और भूकंप के बीच कोई सीधा भूवैज्ञानिक संबंध नहीं है।
- हालांकि, लगातार बारिश से ज़मीन की नमी और संरचना कुछ हद तक प्रभावित होती है, लेकिन इससे भूकंप आने की संभावना वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है।
क्या ऐसा पहले भी हुआ है?
- 2015 में मॉनसून के दौरान हल्के भूकंप दर्ज किए गए थे।
- यानी, यह संयोग पहली बार नहीं बना है, लेकिन दुर्लभ और असामान्य जरूर है।
दिल्ली का भूकंपीय इतिहास
- 27 अगस्त 1960: अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप (6.0 तीव्रता)
- फरवरी 2024: धौला कुआं के पास 4.0 तीव्रता
- अप्रैल 2024: अफगानिस्तान से आए 5.9 तीव्रता के झटके
- 8 जून 2025: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 2.3 तीव्रता
दिल्ली क्यों है संवेदनशील?
- दिल्ली सिस्मिक जोन-IV में आता है, जो हिमालयी टकराव क्षेत्र के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है।
- NCR क्षेत्र में छोटी से मध्यम तीव्रता के भूकंप सामान्य हैं।
डरने की कितनी जरूरत है?
- चूंकि यह भूकंप मध्यम तीव्रता का था और किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ, इसलिए अभी घबराने की जरूरत नहीं है।
- लेकिन, सतर्कता और भूकंप सुरक्षा उपायों की जानकारी बेहद जरूरी है, क्योंकि अगला झटका कब और कितना तीव्र हो, यह कोई नहीं बता सकता।
बारिश और भूकंप का एक साथ होना निश्चित रूप से असामान्य है, लेकिन खतरनाक नहीं जब तक कि भूकंप की तीव्रता 6 या उससे अधिक न हो। विशेषज्ञों की मानें तो यह एक डरावना संयोग जरूर है, लेकिन भविष्यवाणी लायक कोई सीधा खतरा नहीं।
फिर भी, NCR जैसे भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र में रह रहे लोगों को सतर्क और तैयार रहना चाहिए।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।