होम पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सरकारी अस्पतालों को लेकर कही बड़ी बात, बोले- इन्हें मजबूत बनाना बेहद जरूरी
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने देश के विकास में सरकारी और निजी संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर दिया है।
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने देश के विकास में सरकारी और निजी संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर दिया है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ाना और विकसित देश बनाना है, तो लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखना और उन्हें मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने खास तौर पर सार्वजनिक अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा, मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं की क्षमता और उनकी ऊर्जा पर भरोसा जताने का संदेश दिया।
पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, ‘लोकतंत्र में संस्थाएं बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं. चाहे वह सरकारी स्तर की संस्थाएं हों या फिर निजी स्तर की संस्थाएं हों, ऐसी संस्थाओं की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है. अगर हम अपने देश को आगे बढ़ाना और विकसित करना चाहते हैं, तो हमें इन संस्थाओं को जारी रखना होगा. इसके साथ ही, जो संस्थाएं अच्छी हैं और प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं, उन्हें और भी ज्यादा मजबूत और सशक्त बनाने के जरूरत है.’
उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि देश की प्रगति के लिए केवल संस्थानों का अस्तित्व बनाए रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जो संस्थाएं बेहतर तरीके से काम कर रही हैं, उन्हें और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में भी प्रयास होने चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने सार्वजनिक अस्पतालों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल उन लोगों के लिए विशेष रूप से जरूरी हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या दूर-दराज के इलाकों से इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘खास तौर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में, मरीजों की देखभाल और उनके कल्याण के लिहाज से सार्वजनिक अस्पतालों की महत्वपूर्ण भूमिका है. ये अस्पताल उन लोगों की सेवा करते हैं, जो गरीब मरीज हैं, जो जरूरतमंद हैं और जो दूर-दराज के इलाकों से इलाज की उम्मीद में सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं.’
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमारे सार्वजनिक अस्पतालों और सार्वजनिक स्वास्थ्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी ज्यादा मजबूत और सक्षम बनाने की तत्काल जरूरत है.’
चंद्रचूड़ के इस बयान में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की अहमियत सामने आई।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज और GTB अस्पताल के 55वें स्थापना दिवस एवं डिग्री वितरण समारोह में पूर्व CJI डी. वाई. चंद्रचूड़ ने मेडिकल छात्रों को भी संबोधित किया। उन्होंने युवाओं की क्षमता और समझ को उम्र के आधार पर आंकने की सोच पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं मानता कि किसी व्यक्ति की उम्र उसके भीतर मौजूद ज्ञान और उसकी समझदारी की क्वालिटी को दिखाती है. भारत एक युवा देश है, युवाओं का देश है. ऐसे युवा देश में हमें युवाओं की ऊर्जा पर भरोसा रखना चाहिए, जिसे आप सभी दर्शाते हैं.’
उनके इस संदेश का मुख्य जोर इस बात पर था कि युवाओं की प्रतिभा, सोच और ऊर्जा को अवसर दिए जाने चाहिए। देश के भविष्य के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनकी क्षमताओं पर भरोसा करना जरूरी है।
समारोह के दौरान चंद्रचूड़ ने अपने लंबे न्यायिक अनुभव का उल्लेख करते हुए मेडिकल छात्रों के सामने एक सवाल भी रखा। उन्होंने कहा, ‘इसलिए आप यह सवाल जायज तौर पर पूछ सकते हैं कि एक व्यक्ति, जिसमें अपनी जिंदगी के करीब 45 साल कोर्टरूम में बिताए हैं, वो भविष्य के हीलर्स से भरे इस हॉल को आखिर क्या दे सकता है? शायद सिर्फ इतना कि मेज की दूसरी तरफ से देखने का एक अलग नजरिया.’
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने छात्रों को अलग-अलग दृष्टिकोण से चीजों को समझने और अपने अनुभवों से सीखने का संदेश दिया। उनका संबोधन लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत बनाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और युवाओं की क्षमता पर भरोसा रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा।
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