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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Feb 22, 2026 09:06 PM

सुप्रीम कोर्ट से झटका लगते ही भड़के ट्रंप, मीटिंग बीच में छोड़ी, भारत को लेकर भी दिया बड़ा बयान

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुचर्चित वैश्विक टैरिफ (Global Tariffs) को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इसे उनके प्रशासन के लिए अब तक का सबसे बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट से झटका लगते ही भड़के ट्रंप, मीटिंग बीच में छोड़ी, भारत को लेकर भी दिया बड़ा बयान

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुचर्चित 'वैश्विक टैरिफ' (Global Tariffs) को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इसे उनके प्रशासन के लिए अब तक का सबसे बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। इस फैसले की खबर मिलते ही ट्रंप का पहला रिएक्शन बेहद चौंकाने वाला और गुस्से से भरा था। उन्होंने न सिर्फ कोर्ट के फैसले को 'शर्मनाक' बताया, बल्कि चंद घंटों के भीतर ही एक नए कानून के तहत दोबारा नया टैरिफ थोपने का ऐलान भी कर दिया।

मीटिंग के बीच में मिली पर्ची और ट्रंप ने पूछा- "तो क्या ये हमारी हार है?"

वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त सुप्रीम कोर्ट का यह ऐतिहासिक फैसला आया, डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में गवर्नरों के साथ एक बंद कमरे में अहम बैठक कर रहे थे। इसी बीच उनके एक सलाहकार ने उन्हें एक नोट (पर्ची) थमाया। इसे पढ़ते ही ट्रंप ने तुरंत पूछा, "तो क्या यह हार है?" सलाहकार ने जब पुष्टि की कि कोर्ट ने उनके टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है, तो ट्रंप भड़क गए।

मीटिंग में मौजूद लोगों के अनुसार, ट्रंप ने गवर्नरों से कहा कि वह भले ही ऊपर से शांत नजर आ रहे हैं, लेकिन अंदर से गुस्से से उबल रहे हैं। उन्होंने कोर्ट के फैसले को शर्मनाक बताया और सवाल-जवाब का सेशन बीच में ही छोड़कर वहां से निकल गए ताकि इस झटके का करारा जवाब तैयार कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा अपने 6-3 के फैसले में?

चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स द्वारा लिखे गए 6-3 के बहुमत वाले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रंप ने आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल किया है और अपने अधिकारों की सीमा लांघकर ये भारी टैरिफ लगाए हैं। कोर्ट के अनुसार, जिस कानूनी आधार का ट्रंप प्रशासन ने इस्तेमाल किया, वह इतने व्यापक टैरिफ लगाने की अनुमति बिल्कुल नहीं देता है। (हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि अब तक वसूला गया टैरिफ का पैसा देशों को वापस मिलेगा या नहीं)।

बौखलाए ट्रंप का पलटवार: लगा दिया नया 10% टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट के झटके के चंद घंटों बाद ही ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी नीतियों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कोर्ट के आदेश को 'बेहद निराशाजनक' बताते हुए आरोप लगाया कि इस फैसले को "विदेशी हितों" ने प्रभावित किया है। हालांकि, उन्होंने अपने पक्ष में वोट करने वाले तीन जजों (जस्टिस क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल एलिटो और ब्रेट कवानॉघ) की खुलकर तारीफ भी की।

अपने चिर-परिचित अंदाज में ट्रंप ने तुरंत एक नया दांव चला। उन्होंने ऐलान किया कि वे व्यापार अधिनियम की 'धारा 122' के तहत एक नए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ वाले आदेश पर साइन करेंगे, जबकि बाकी अन्य टैरिफ भी प्रभावी रहेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में दरें और बढ़ेंगी? तो उन्होंने साफ कहा, "संभवतः इससे भी अधिक... यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उन्हें क्या रखना चाहते हैं।"

भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रंप की दो टूक

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर सवाल पूछा गया, तो ट्रंप ने अपने सख्त तेवर बरकरार रखे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "कुछ नहीं बदलेगा। वे टैरिफ चुकाएंगे और हम टैरिफ नहीं चुकाएंगे।"

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