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समाचारदेशप्रादेशिकीदिल्लीअपराध Alert Star Digital Team Nov 13, 2025 06:11 PM

दिल्ली बम धमाके का असली मास्टरमाइंड कौन? तुर्किए कनेक्शन से हुआ बड़ा खुलासा, सामने आया हैंडलर का नाम

दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के फरीदाबाद-सहारनपुर मॉड्यूल की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली धमाके का मास्टरमाइंड अबू उकासा (कोड नेम) है। उकासा को आतंकी मोहम्मद उमर और मुजम्मिल शकील का हैंडलर बताया जा रहा है।

दिल्ली बम धमाके का असली मास्टरमाइंड कौन? तुर्किए कनेक्शन से हुआ बड़ा खुलासा, सामने आया हैंडलर का नाम

दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के फरीदाबाद-सहारनपुर मॉड्यूल की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली धमाके का मास्टरमाइंड 'अबू उकासा' (कोड नेम) है। उकासा को आतंकी मोहम्मद उमर और मुजम्मिल शकील का हैंडलर बताया जा रहा है।

जांच में पता चला है कि जिस हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ, उसे चलाने वाला मोहम्मद उमर, हैंडलर उकासा के संपर्क में तुर्किए की राजधानी अंकारा में था।

तुर्किए में हुआ ब्रेनवाश, व्हाट्सएप से 'सेशन ऐप' पर आई बातचीत

सुरक्षा एजेंसियों को शक न हो, इसके लिए डॉक्टर मुजम्मिल ने कबूल किया कि उसने साल 2022 में हैंडलर से मिलने के लिए तुर्किए को चुना था। यहीं पर मुजम्मिल और उमर का ब्रेनवॉश किया गया।

  • हैंडलर की पहचान: अबू उकासा जैश-ए-मोहम्मद का एक कमांडर है और मसूद अजहर के करीबी रिश्तेदारों में से एक है।
  • बातचीत का तरीका: शुरुआती दिनों में इस हैंडलर की बातचीत व्हाट्सएप पर होती थी, लेकिन बाद में वे सेशन ऐप के जरिए बात करने लगे, ताकि उनकी बातचीत कभी लीक न हो और एजेंसियों को पता न लगे।

तुर्किए ने दी सफाई, खारिज किए आतंकवाद के आरोप

फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल केस में गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल गनई से पूछताछ में भी तुर्किए का जिक्र सामने आया था। हालांकि, तुर्किए ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिसमें उस पर भारत सहित दूसरे देशों में आतंक से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। तुर्किए के संचार निदेशालय ने कहा कि आतंकी संगठनों को वित्तीय, लॉजिस्टिक और कूटनीतिक मदद पहुंचाने के सारे दावे झूठे हैं।

टेलीग्राम ग्रुप और मसूद अजहर के ग्रुप से सांठगांठ

जांच में यह भी सामने आया है कि डॉक्टरों वाला यह हाइब्रिड आतंकियों का मॉड्यूल दो टेलीग्राम ग्रुप 'उमर बिन खिताब' और 'फरजान दारुल उललूम' में जुड़ा हुआ था। खुफिया एजेंसियों को शक है कि ये ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद के थे क्योंकि इन ग्रुपों में जैश और मौलाना मसूद अजहर के पुराने बयान, चिट्ठियां, जिहाद के लिए उकसावे वाली आतंक समर्थक पोस्ट किए जाते थे।

हमले में इस्तेमाल तीनों कार जब्त

इस आतंकी हमले में इस्तेमाल की गई तीनों कार को जांच एजेंसियों ने जब्त कर लिया है।

  1. तीसरी कार: आज अल-फलाह यूनिवर्सिटी के भीतर से बरामद की गई। इस कार की ओनर डॉक्टर शाहीन सईद हैं।
  2. दूसरी कार: लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार पुलिस ने एक दिन पहले (12 नवंबर) को फरीदाबाद के खंडावली गांव से जब्त किया गया था। यह कार डॉ. उमर नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
  3. पहली कार: हुंडई i20, जिसे डॉ. उमर नबी चला रहा था, उसी में ब्लास्ट हुआ था।
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