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कांग्रेस ने जब लगाए चिंतन शिविर, बदल गई सियासत, अब उदयपुर में होगा मंथन
राजस्थान के उदपुर में 13 से 15 मई तक आयोजित होने वाले शिविर से पहले दिल्ली में AICC मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई। कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी की सबसे बड़ी निर्णायक समिति है। इस बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बता दें कि कांग्रेस पार्टी अब तक तीन बार चिंतन शिविर आयोजित कर चुकी है। उदयपुर में होने वाला यह चौथा चिंतन शिविर होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस अब तक तीन बार चिंतन शिविर आयोजित कर चुकी है। पहली बार इसका आयोजन साल 1998 में किया गया था। इसके बाद 2003 और 2013 में चिंतन शिविर आयोजित किया गया। साल 2003 में यह शिविर कांग्रेस के लिए बहुत ही फायदेमंद हुआ था। 2004 के आम चुनाव में कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार बन गई और लगातार 10 साल तक कांग्रेस के हाथ में सत्ता की बागडोर रही। 2013 के चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ और 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बन गई। लोकसभा चुनाव में पार्टी केवल 53 सीटें जीत सकी। हाल ही में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में हार के बाद कांग्रेस ने एंपावर्ड ऐक्शन ग्रुप 2024 बनाने का ऐलान किया है।
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