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प्रयागराज शूटआउट में घायल दूसरे गनर की भी मौत, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया था लखनऊ
प्रयागराज के सनसनीखेज शूटआउट में घायल हुए दूसरे गनर राघवेंद्र ने भी दम तोड़ दिया है। हमले में उमेश पाल और एक गनर संदीप की उसी दिन मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल दूसरे गनर राघवेंद्र को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लखनऊ लाया गया था।
यहां पीजीआई में उसका इलाज चल रहा था। पांच मई को राघवेंद्र की शादी होने वाली थी।
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल पर शुक्रवार को धूमनगंज स्थित घर के बाहर ही ताबड़तोड़ फायरिंग और बम से हमला किया गया था। इस दौरान उमेश के साथ ही उसकी सुरक्षा में तैनात गनर संदीप और राघवेंद्र भी बुरी तरह घायल हो गए थे।
उमेश और संदीप की उसी दिन प्रयागराज के अस्पताल में मौत हो गई थी। राघवेंद्र बुरी तरह घायल था। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्रयरागराज से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लखनऊ के पीजीआई में भेजा गया था। यहां आईसीयू में ही उसका इलाज चल रहा था।
रायबरेली के लालगंज निवासी राघवेंद्र की प्रयागराज में ही तैनाती थी। इसी के कारण उसे उमेश पाल की सुरक्षा में लगाया गया था। उमेश पाल की जान बचाने के लिए राघवेंद्र शूटरों के सामने आ गया था। इसके बाद उस पर गोलियों के साथ ही बम से हमला किया गया था।
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में गोली से उसके शरीर से निकाल दी गई थी लेकिन बम से उसका कंधा उड़ने अत्याधिक खून के रिसाव से हालत गंभीर थी। बम लगने से उसके फेफड़े में काफी चोट आ गई थी। इसके बाद लखनऊ रेफर किया गया था। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि घायल गनर को गंभीर संक्रमण था। आईसीयू में उपचार के दौरान बुधवार की शाम करीब पौने छह बजे मौत हो गई। राघवेंद्र के पिता भी पुलिस में थे। परिजनों ने बताया कि पांच मई को राघवेंद्र की शादी होने वाली है।
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