होम सियासत का अखाड़ा बनी विधानसभा समितियां, AAP ने एलजी को घेरा तो BJP ने ऐसे किया पलटवार
सियासत का अखाड़ा बनी विधानसभा समितियां, AAP ने एलजी को घेरा तो BJP ने ऐसे किया पलटवार
दिल्ली विधानसभा समितियां सियासत का नया अखाड़ा बनती नजर आ रही हैं। आम आदमी पार्टी (आप) का आरोप है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना विधानसभा समितियों के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
AAP का दावा है कि एलजी ने मुख्य सचिव और विधानसभा को पत्र लिखकर विधानसभा समितियों के कामकाज के बारे में जानकारी मांगी है। AAP के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा की याचिका समिति ने 3 अलग-अलग मसलों पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी लेकिन एलजी ने समितियों पर ही कार्रवाई का फैसला किया है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि एलजी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार और दिल्ली विधानसभा को पत्र लिखकर पूछा है कि समितियां कैसे काम कर रही हैं। क्या वे कानून के खिलाफ जा रही हैं। भारद्वाज ने कहा- इससे साफ हो गया है कि दिल्ली सरकार के कामकाज में अधिकारी जो कुछ हस्तक्षेप करते हैं, वह एलजी के इशारे पर किया जाता है। उपराज्यपाल को समितियों से समस्या है। समिति ने सरकारी अस्पतालों में ओपीडी कर्मचारियों को बर्खास्त करने का मामला उठाया था। महीनों से काम कर रहे कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया जिससे काउंटर खाली हो गए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा- याचिका समिति की सुनवाई के दौरान पाया गया कि दो आईएएस अधिकारी जानबूझकर फाइल को रोक कर रखे हुए थे। जब समिति ने हस्तक्षेप किया, तो उन मुद्दों को सुलझा लिया गया। समिति ने उपराज्यपाल से स्वास्थ्य सचिव अमित सिंगला और प्रधान सचिव वित्त एसी वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन कुछ नहीं किया गया। सिंगला और वर्मा मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टरों का वेतन रोकने में भी शामिल पाए गए हैं। इसके खाते में करोड़ों रुपये होने के बावजूद मोहल्ला क्लीनिक डॉक्टरों के वेतन का भुगतान नहीं कर पा रहे थे।
वहीं दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि विधानसभा की संवैधानिक समितियां जनता एवं प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा का प्लेटफार्म होती हैं पर यह खेद का विषय है कि आम आदमी पार्टी और उसकी दिल्ली सरकार ने इन समितियों को राजनीतिक ब्यानबाजी का माध्यम बनाकर इनका महत्व गौण कर दिया है। यह खेद का विषय है कि जिस तरह दिल्ली सरकार विधानसभा के सत्र केवल राजनीतिक निंदा प्रस्ताव लाने पर व्यर्थ करती है उसी तरह उसके विधायकों ने विभिन्न संवैधानिक समितियों के प्लेटफार्म को भी राजनीतिक निंदा मंच बना दिया है।
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की समितियों का महत्व कम करने में इनमें से एक के अध्यक्ष विधायक सौरभ भारद्वाज की बड़ी भूमिका रही है। ऐसा ही एक उदहारण हमने दिवाली 2022 से दो दिन पूर्व देखा था जब सौरभ भारद्वाज ने घोषणा की थी कि उनकी समिति के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने सभी बुजुर्गों को पेंशन जारी कर दी है, पर सच यह है कि 99 प्रतिशत बुजुर्गों को आज तक पेंशन नहीं मिल रही है।
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