होम सेना को 200 लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स की जरूरत, जल्द खरीदे जाने की तैयारी: ऑर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे

समाचारदेशप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Feb 14, 2023 09:47 PM

सेना को 200 लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स की जरूरत, जल्द खरीदे जाने की तैयारी: ऑर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे

सेना को 200 लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स की जरूरत, जल्द खरीदे जाने की तैयारी: ऑर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे

सेना को 200 लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स की जरूरत, जल्द खरीदे जाने की तैयारी: ऑर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने मंगलवार को एयरो इंडिया 2023 में कहा कि आर्मी को 200 हेलीकॉप्टर्स की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेना अपनी ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए 200 लड़ाकू हेलीकॉप्टर खरीदने की योजना बना रही है।

उन्होंने बताया कि सेना को लगभग 110 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) और 90 से 95 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) की जरूरत है, जिन्हें सरकारी विमान निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से बनाया जाएगा।

आर्मी चीफ का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कर्नाटक के तुमकुरु में देश की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन करने के बाद आया है। इसे रक्षा निर्माण क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' के एक मजबूत कदम के तौर पर देखा जा रहा है। नई एचएएल फैक्ट्री 615 एकड़ में फैली हुई है। शुरुआत में यह LUH का प्रोडक्शन करेगी। इसके बाद एलसीएच और फिर इंडियन मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (IMRH) बनाए जाएंगे।

'चीता-चेतक हेलीकॉप्टर के पुराने बेड़े होंगे रिप्लेस'
LUH सेना और भारतीय वायु सेना के चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों के पुराने बेड़े की जगह लेगा। एचएएल को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में सेना और वायुसेना 187 हल्के हेलीकाप्टरों के लिए आदेश देगी। फिलहाल, चीता और चेतक हेलीकॉप्टर सियाचिन ग्लेशियर सहित ऊंचाई वाले इलाकों में सैनिकों के लिए लाइफ-लाइन के समान हैं। मनोज पांडे ने कहा कि सेना ने पहले ही 6 लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन LUH का आदेश दे दिया है। हेलीकॉप्टरों की पहली खेप के प्रदर्शन के आधार पर दोबारा ऑर्डर किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमें इसे कुछ और क्षमताओं से लैस करने की जरूरत है। एचएएल इस पर काम कर रहा है।'

'वायुसेना को 160 हेलीकॉप्टरों की जरूरत'
HAL को पहले ही IAF के लिए 15 लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन LCH- 10 और 5 सेना के लिए तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट मिल चुका है। विमान निर्माता को इस तरह और भी ऑर्डर आने की उम्मीद है, क्योंकि सेना और वायुसेना के पास 160 ऐसे हेलीकॉप्टरों की जरूरत है। एलसीएच में मूल्य के हिसाब से 45% की स्वदेशी सामग्री है, जो सीरीज प्रोडक्शन वर्जन के बाद 55% तक बढ़ जाएगी। पांडे ने कहा कि LCH पहाड़ों में सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से सही है। उन्होंने कहा कि एलसीएच के साथ एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम), हेलिना को इंटीग्रेट करने पर जोर है।

'अपाचे AH64E लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी होंगे शामिल'
सेना प्रमुख ने कहा कि आर्मी अगले साल 6 अपाचे AH64E लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को भी शामिल करने वाली है। बोइंग निर्मित हेलीकॉप्टरों की कीमत 4,100 करोड़ रुपये से अधिक है। फायर एंड फॉरगेट हेलफायर मिसाइलों से लैस अपाचे 1 मिनट में 128 टारगेट को ट्रैक कर सकता है। साथ ही मिसाइलें गनशिप को भारी कवच-रोधी क्षमताओं से लैस करती हैं। IMRH को भी तुमकुरु कारखाने में बनाया जाएगा। इसके भारतीय और विदेशी दोनों बाजारों में रूसी Mi-17 हेलिकॉप्टरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की उम्मीद है। एचएएल का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म का बड़ा बाजार हो सकता है, क्योंकि दुनिया भर में लगभग 40 वायु सेनाएं एमआई-17 टाइप के हेलीकॉप्टर ऑपरेट करती हैं। Mi-17 भारतीय वायुसेना के परिवहन बेड़े का मुख्य आधार है।

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