होम CM Yogi का बड़ा बयान: ‘पहले था गुंडाराज, अब खत्म हुआ माफिया राज’, 2047 को लेकर छात्रों से कही बड़ी बात
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की कानून व्यवस्था और देश में हुए बदलावों का जिक्र किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की कानून व्यवस्था और देश में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में सिर्फ गुंडाराज था, जबकि बीजेपी सरकार में माफिया राज खत्म हुआ है और अब कानून का शासन लागू है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने और देश के विकास में योगदान देने का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2014 को भारत के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण तारीख बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद कई पुराने और गैरजरूरी कानून समाप्त किए गए तथा सुधारों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
सीएम योगी के अनुसार, 30 साल बाद देश में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। उन्होंने बताया कि इसके बाद 1500 से ज्यादा पुराने और गैरजरूरी कानून खत्म किए गए। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने का भी उल्लेख किया।
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को वर्ष 2047 के भारत की जिम्मेदारियों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2047 को देश की आजादी के 100 साल पूरे हो जाएंगे। आज कानून की पढ़ाई पूरी कर रहे छात्र उस समय न्याय व्यवस्था, विधायिका और कार्यपालिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें से कोई न्यायाधीश बनेगा, कोई वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में काम करेगा, तो कोई शासन-प्रशासन में अहम जिम्मेदारी संभालेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को अभी से खुद को तैयार करना चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून के विद्यार्थियों को एक अच्छे अधिवक्ता के गुणों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वकील के लिए सत्य बोलना, धर्म का पालन करना और निरंतर अध्ययन करते रहना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, ये गुण एक अच्छे अधिवक्ता के जीवन का आधार होने चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से भगवान शिव, श्रीकृष्ण और भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिव जैसा मस्तिष्क व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहकर सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है।
वहीं, कृष्ण जैसा हृदय गरीबों और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता रखने का संदेश देता है। भगवान राम जैसा वचन मर्यादा का पालन करने और अपनी बात पर कायम रहने की सीख देता है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इन आदर्शों के जरिए अपने पेशेवर जीवन में नैतिकता, संवेदना और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया।
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