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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jan 16, 2026 03:08 PM

क्या अपना नोबेल पुरस्कार किसी और को दे सकते हैं?, ट्रंप को मेडल मिलने पर कमेटी ने किया बड़ा खुलासा

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

क्या अपना नोबेल पुरस्कार किसी और को दे सकते हैं?, ट्रंप को मेडल मिलने पर कमेटी ने किया बड़ा खुलासा

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। व्हाइट हाउस में हुई इस मुलाकात के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या कोई विजेता अपना प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित कर सकता है? इस असमंजस के बीच अब नोबेल संस्थान ने सामने आकर नियमों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि भौतिक रूप से मेडल देना अलग बात है, लेकिन पुरस्कार का खिताब किसी और को नहीं दिया जा सकता।

'मेडल दे सकते हैं, लेकिन सम्मान हमेशा के लिए आपका'

इस मुद्दे पर नोबेल संस्थान और नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने नियमों का हवाला देते हुए एक अहम बयान जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 'एक बार नोबेल पुरस्कार घोषित हो जाने के बाद उसे न तो वापस लिया जा सकता है, न किसी के साथ बांटा जा सकता है और न ही किसी और को ट्रांसफर किया जा सकता है. यह फैसला हमेशा के लिए अंतिम होता है.' कमेटी का कहना है कि मेडल एक भौतिक वस्तु है, जिसका मालिक बदला जा सकता है, लेकिन 'नोबेल शांति पुरस्कार विजेता' की ऐतिहासिक पहचान और खिताब कभी नहीं बदलता। इसलिए, माचाडो द्वारा मेडल सौंपना केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, तकनीकी रूप से पुरस्कार अब भी उन्हीं के नाम रहेगा।

ट्रंप की प्रतिक्रिया: 'यह मेरे लिए सम्मान की बात'

व्हाइट हाउस में हुई इस मुलाकात के दौरान जब माचाडो ने अपना मेडल डोनाल्ड ट्रंप को सौंपा, तो इसे एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा गया। विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला की सत्ता संघर्ष में माचाडो को खुला समर्थन नहीं दिया था, इसलिए यह माचाडो की ओर से एक कूटनीतिक पहल हो सकती है। मेडल पाकर ट्रंप ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'उन्होंने मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल दिया, यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है.' ट्रंप ने माचाडो की तारीफ करते हुए उन्हें 'बहुत अच्छी महिला' बताया और कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी मुश्किलें झेली हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि ट्रंप इस मेडल को अपने पास रख सकते हैं।

पहले भी दूसरों के हाथ में जा चुके हैं नोबेल मेडल

यह पहली बार नहीं है जब नोबेल मेडल अपने मूल विजेता से अलग हुआ हो। इसका सबसे चर्चित उदाहरण रूसी पत्रकार दिमित्री मुरातोव का है, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए धन जुटाने के वास्ते अपना नोबेल मेडल नीलाम कर दिया था। उस नीलामी से 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि इकट्ठा हुई थी। इसके अलावा, नॉर्वे के पहले शांति पुरस्कार विजेता क्रिश्चियन लूस लांगे का मेडल भी नोबेल पीस सेंटर में रखा है, जो वहां उधार पर प्रदर्शित है।

सोने का होता है मेडल, वजन 196 ग्राम

नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल अपनी बनावट और मूल्य के लिए भी जाना जाता है। यह शुद्ध सोने से बना होता है, जिसका वजन 196 ग्राम और व्यास 6.6 सेंटीमीटर होता है। मेडल के डिजाइन में पिछले 120 सालों से कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके एक तरफ पुरस्कार के संस्थापक अल्फ्रेड नोबेल की तस्वीर उकेरी गई है, जबकि दूसरी तरफ तीन पुरुष एक-दूसरे के कंधों पर हाथ रखे हुए दिखाई देते हैं, जो विश्व भाईचारे का प्रतीक है।

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