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समाचारराजनीतिप्रादेशिकी Alert Star Digital Team Jan 19, 2026 05:51 PM

BMC में बहुमत के बाद भी बीजेपी का खेल बिगड़ेगा? इस समीकरण से उद्धव गुट का बन सकता है मेयर

बीएमसी चुनाव (BMC Election Result 2026) के नतीजे आने के बाद भले ही आंकड़ों में बीजेपी और शिंदे गुट का पलड़ा भारी दिख रहा हो, लेकिन मेयर पद को लेकर एक ऐसा दिलचस्प गणित सामने आया है जो पूरी बाजी पलट सकता है।

BMC में बहुमत के बाद भी बीजेपी का खेल बिगड़ेगा? इस समीकरण से उद्धव गुट का बन सकता है मेयर

बीएमसी चुनाव (BMC Election Result 2026) के नतीजे आने के बाद भले ही आंकड़ों में बीजेपी और शिंदे गुट का पलड़ा भारी दिख रहा हो, लेकिन मेयर पद को लेकर एक ऐसा दिलचस्प गणित सामने आया है जो पूरी बाजी पलट सकता है। महाराष्ट्र महानगरपालिका के सभी 29 मेयर पदों के लिए आरक्षण का फैसला लॉटरी सिस्टम से होना है। अगर इस लॉटरी में बीएमसी मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हो जाता है, तो बहुमत होने के बावजूद मेयर की कुर्सी बीजेपी के हाथ से फिसलकर उद्धव ठाकरे गुट के पास जा सकती है।

आरक्षण की लॉटरी बदल सकती है पूरी बाजी

इस पूरे समीकरण के पीछे की वजह वार्डों का आरक्षण है। दरअसल, चुनाव से ठीक पहले बीएमसी के वार्ड नंबर 53 और वार्ड नंबर 121 को एसटी (ST) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। इन दोनों सीटों पर सभी प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन जीत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को मिली। अब नियम के मुताबिक, अगर मेयर का पद एसटी कैटेगरी के लिए रिजर्व होता है, तो सिर्फ एसटी वर्ग का जीता हुआ पार्षद ही मेयर बन सकता है। चूंकि दोनों एसटी वार्डों पर उद्धव गुट का कब्जा है, इसलिए ऐसी स्थिति में उनका मेयर बनना तय हो जाएगा।

ये हैं वो दो ‘इक्के’ जो पलट सकते हैं खेल

उद्धव गुट के पास इस समय दो ऐसे विजयी उम्मीदवार हैं जो इस गणित में फिट बैठते हैं। वार्ड नंबर 53 से उद्धव गुट के जितेंद्र वलवी ने जीत दर्ज की है, जिन्होंने शिंदे गुट के अशोक खांडवे को शिकस्त दी। वहीं, वार्ड नंबर 121 से शिवसेना (UBT) की प्रियदर्शिनी ठाकरे ने शिंदे गुट की प्रतीमा खोपड़े को हराकर जीत हासिल की है। अगर लॉटरी उद्धव गुट के पक्ष में खुलती है, तो इन्हीं दोनों में से कोई एक मुंबई का अगला मेयर होगा।

बीएमसी के आंकड़ों में कौन कहां खड़ा है?

सीटों के लिहाज से देखें तो बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की दरकार थी। नतीजों में बीजेपी को 89 और शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिली हैं, जिससे इनका कुल आंकड़ा 118 हो गया है। दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 65 सीटों पर सिमट गई है, जबकि उनकी सहयोगी मनसे (MNS) को 6 सीटें मिली हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने 24, एआईएमआईएम (AIMIM) ने 8, अजित पवार की एनसीपी ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 और शरद पवार की एनसीपी (SP) ने 1 सीट जीती है।

महायुति में खींचतान की खबरों पर शिंदे का बयान

मेयर पद के आरक्षण से पहले ही बीजेपी और शिंदे गुट के बीच कथित खींचतान की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन अटकलों पर विराम लगाते हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने साफ किया है कि "शिवसेना बीएमसी में बीजेपी नीत ‘महायुति’ को मिले जनादेश का सम्मान करेगी." वहीं, सूत्रों का कहना है कि शिवसेना के 29 पार्षदों को होटल में शिफ्ट किए जाने की खबरों को बेवजह तूल दिया जा रहा है। अब सबकी निगाहें आरक्षण की लॉटरी पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि मुंबई का 'किंग' कौन होगा।

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