होम हरियाणा में BJP का फैसला बाकी राज्यों के लिए कैसे बड़ा संदेश है?

समाचारदेश Alert Star Digital Team Oct 16, 2024 10:08 PM

हरियाणा में BJP का फैसला बाकी राज्यों के लिए कैसे बड़ा संदेश है?

हरियाणा में BJP का फैसला बाकी राज्यों के लिए कैसे बड़ा संदेश है?

हरियाणा में BJP का फैसला बाकी राज्यों के लिए कैसे बड़ा संदेश है?

हरियाणा में एक बार फिर सरकार का चेहरा नायब सिंह सैनी बन गए हैं. उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है. एक बार फिर सैनी के नाम पर मुहर लगने से उन अटकलों पर विराम लग गया, जो अनिल विज और राव इंद्रजीत की सीएम पद पर दावेदारी को लेकर लगाई जा रही थीं.

इसका संकेत सबसे पहले तब मिला था जब भाजपा की ओर से हरियाणा के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर खुद गृहमंत्री अमित शाह और एमपी के सीएम मोहन यादव को चुना गया था. विधायक दल की बैठक में भी ये दोनों नेता मौजूद रहे.

हरियाणा में सीएम के तौर पर सैनी को चुना जाना चौंकाने वाला फैसला नहीं है, लेकिन बाकी राज्य जहां अभी चुनाव होने हैं, उनके लिए यह एक संदेश की तरह जरूर है. इससे पहले राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी भाजपा ये कर चुकी है. खासकर राजस्थान में वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान का सीएम बनना तय माना जा रहा था. एन वक्त पर भाजपा ने राजस्थान में भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश में मोहन यादव के नाम का ऐलान कर सबको चौंका दिया था. अब पार्टी ने हरियाणा में भी इस परंपरा को जीवित रखा है.

हरियाणा में बीजेपी के सामने क्या थी चुनौती?

हरियाणा में भाजपा ने नायब सिंह सैनी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था. पार्टी ने नया इतिहास रचा और लगातार तीसरी बार जनादेश पाया. ये लगभग पहले से ही तय था कि नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया जाएगा. इसके बावजूद अंबाला कैंट से विधायक और खट्टर सरकार में नंबर दो रहे अनिल विज ने सीएम पद पर दावेदारी कर दी थी. इसके अलावा सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी सीएम पद के दावेदारों में शुमार थे. ऐसे में भाजपा को शंका थी कि कहीं पार्टी में गुटबाजी हावी न हो जाए. यदि ऐसा होता तो शपथ ग्रहण से पहले ही एक नया बखेड़ा शुरू हो जाता. इसके लिए पार्टी ने खुद अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाया.

भाजपा के इस फैसले के क्या हैं मायने?

  1. भाजपा ने एक बार फिर पार्टी के युवा चेहरे नायब सिंह सैनी पर भरोसा जताकर उन कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को बल दिया है जो भविष्य के नेता बनने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं, कि वे भी ऊंचे पदों पर पहुंच सकते हैं.
  2. पार्टी ने बड़े नेताओं को भी ये साफ-साफ संदेश दे दिया है कि वे अपनी लोकप्रियता का ढिंढोरा पीटकर मनचाहा पद नहीं पा सकते. इसके अलावा विधायकों को अपने गुट में रखकर शीर्ष लीडरशिप को दादागीरी नहीं दिखा सकते.
  3. भाजपा ने सैनी के चेहरे पर भरेासा कर हरियाणा की राजनीति के धुरंधर माने जाने वाले नेताओं को जमीन दिखाने की कोशिश की है. पार्टी ने ये संदेश भी दिया है कि जो काम करेगा, कुर्सी उसी को मिलेगी.
  4. भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है, दल में कई ऐसे नेता हैं जो अब 70 की उम्र के करीब हैं, ऐसे में पार्टी अगली पीढ़ी की तलाश में हैं. पार्टी चाहती है कि ऐसे नेताओं को चुना जाए जो आने वाले वक्त में पार्टी का चेहरा बन सकें.
  5. पार्टी ने सैनी के नाम पर मोहर लगाकर यह भी संदेश दिया है कि वह पार्टी में प्रयोग जारी रखेगी. ऐसे नेताओं को चुनकर उभारा जाएगा जो शासन करने में कुशल हैं, अपने कुछ माह के शासनकाल में ही सैनी ये सिद्ध कर चुके हैं. चुनाव में भाजपा को इसका फायदा भी मिला.
  6. एक संदेश ये भी है कि सरकार का मुखिया ऐसा होना चाहिए जो पार्टी की शीर्ष लीडरशिप के साथ संगठन में भी पकड़ रखता हो, ताकि वह सरकार को ढंग से चलाने के साथ संगठन को भी कमजोर न पड़ने दे.

महाराष्ट्र-झारखंड समेत कई राज्यों में होने हैं चुनाव

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है, इसके बाद दिल्ली, बिहार, असम और केरल में चुनाव प्रस्तावित हैं. महाराष्ट्र में पार्टी शिवसेना और एनसीपी के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी, झारखंड में बीजेपी ही गठबंधन की प्रमुख पार्टी होगी. ऐसे में भाजपा ने हरियाणा के इस फैसले से संबंधित राज्यों में भी ये राजनीतिक संदेश दे दिया है कि सीएम पद के लिए किसी की मनमानी या धमकी नहीं चलेगी. सीएम वही बनेगा जिसे पार्टी और विधायक चुनेंगे.

सीएम पद की जिद के चलते ही उद्धव से तोड़ा था गठबंधन

महाराष्ट्र में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम पद पर जिद के चलते ही भाजपा ने उद्धव ठाकरे से गठबंधन तोड़ दिया था. दरअसल चुनाव में भाजपा की 105 सीटें आईं थीं, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली थी. उद्धव ठाकरे लगातार सीएम पद के लिए भाजपा पर दबाव बना रहे थे, जबकि बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा अपना सीएम बनाना चाहती थी. उद्धव जिद पर अड़े रहे तो पार्टी ने उनसे गठबंधन तोड़ लिया था. बाद में शिवसेना तोड़कर भाजपा के साथ आए एक नाथ शिंदे महाराष्ट्र के सीएम बने थे.

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)