होम नहीं चलेंगे संबद्ध महाविद्यालय, नई शिक्षा नीति के तहत होगा यह बड़ा बदलाव

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Sep 26, 2024 08:52 PM

नहीं चलेंगे संबद्ध महाविद्यालय, नई शिक्षा नीति के तहत होगा यह बड़ा बदलाव

नहीं चलेंगे संबद्ध महाविद्यालय, नई शिक्षा नीति के तहत होगा यह बड़ा बदलाव

नहीं चलेंगे संबद्ध महाविद्यालय, नई शिक्षा नीति के तहत होगा यह बड़ा बदलाव

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा के तहत बड़े बदलाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके तहत विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी और उसकी जगह स्वायत्तशासी (आटोनामस) और संघटक महाविद्यालयों ले लेंगे।

संघटक महाविद्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण विश्वविद्यालयों के पास रहेगा।प्रदेश में मौजूदा समय में महज 15 महाविद्यालय आटोनामस हैं। इसमें से केवल सात ही ऐसे हैं, जो उच्च शिक्षा विभाग के अधीन संचालित हैं।

इन सात महाविद्यालयों में चार सहायता प्राप्त और तीन स्ववित्तपोषित हैं। प्रदेश का एक भी राजकीय महाविद्यालय आटोनामस नहीं है। शासन ने अब महाविद्यालयों को आटोनामस बनाने के लिए एक नई पहल की है। शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों से नई शिक्षा नीति के अनुसार यूजीसी-आटोनामस कॉलेज योजना में आवेदन करने को कहा है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार 2035 के बाद संबद्ध महाविद्यालयों की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और सिर्फ आटोनामस एवं संघटक महाविद्यालय ही चलन में रहेंगे।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने यूजीसी आटोनामस कॉलेज नियमन-2023 के अनुसार अर्हता पूरी करने वाले राजकीय महाविद्यालयों को आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है, जिससे वे इस योजना एवं विभिन्न प्रकार की केंद्रीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। प्रदेश में कुल 171 राजकीय महाविद्यालय हैं। वैसे तो प्रदेश सरकार ने अभी राजकीय महाविद्यालयों के लिए यह पहल की है, लेकिन आने वाले दिनों में सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को आटोनामस बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। इन दोनों श्रेणी के कुल महाविद्यालयों की कुल संख्या 6000 के हजार के करीब है। प्रदेश में संघटक महाविद्यालयों की संख्या न के बराबर है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)