होम अरावली पर सुप्रीम यू-टर्न, अपने ही आदेश पर लगाई रोक, मंत्री भूपेंद्र यादव बोले- खनन पर बैन जारी रहेगा, सरकार करेगी सहयोग
अरावली पहाड़ियों (Aravalli Range) के संरक्षण और उसकी परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने ही पिछले आदेश पर रोक (Stay) लगा दी है। कोर्ट ने अब मामले की गहराई से जांच के लिए एक नई विशेषज्ञ समिति बनाने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली: अरावली पहाड़ियों (Aravalli Range) के संरक्षण और उसकी परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने ही पिछले आदेश पर रोक (Stay) लगा दी है। कोर्ट ने अब मामले की गहराई से जांच के लिए एक नई 'विशेषज्ञ समिति' बनाने का निर्देश दिया है। इस फैसले का केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्वागत किया है और सरकार का रुख स्पष्ट किया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी:
मंत्री ने खनन को लेकर चल रहे असमंजस को भी दूर किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को एक आदेश दिया था, जिसमें पर्यावरण मंत्रालय की एक समिति द्वारा सुझाई गई अरावली की एक समान परिभाषा को स्वीकार कर लिया गया था। पर्यावरणविदों को डर था कि इससे अरावली का दायरा सिमट जाएगा और खनन का रास्ता खुल जाएगा। अब कोर्ट ने उस आदेश को रोककर नए सिरे से जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, जिसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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