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समाचारविदेश Alert Star Digital Team May 11, 2026 03:59 PM

भारत या चीन? बांग्लादेश ने साफ किया अपना रुख, तारिक रहमान सरकार के करीबी नेता का बड़ा बयान

भारत और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच बांग्लादेश ने अपनी विदेश नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman की सरकार के करीबी माने जाने वाले विदेश मामलों के सलाहकार Humayun Kabir ने कहा है कि बांग्लादेश भारत और चीन के बीच “फुटबॉल” नहीं बनेगा।

भारत या चीन? बांग्लादेश ने साफ किया अपना रुख, तारिक रहमान सरकार के करीबी नेता का बड़ा बयान

भारत और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच बांग्लादेश ने अपनी विदेश नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman की सरकार के करीबी माने जाने वाले विदेश मामलों के सलाहकार Humayun Kabir ने कहा है कि बांग्लादेश भारत और चीन के बीच “फुटबॉल” नहीं बनेगा।

‘राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर’ — बांग्लादेश

ढाका में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन के दौरान हुमायूं कबीर ने कहा कि मौजूदा सरकार की विदेश नीति व्यावहारिक सोच, संतुलन और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश किसी एक वैश्विक शक्ति पर निर्भर रहने के बजाय सभी प्रमुख देशों के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।

कबीर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता “बांग्लादेश सबसे पहले” की नीति है, जिसका उद्देश्य देश की संप्रभुता, विकास और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च रखना है।

भारत और चीन दोनों के साथ संतुलित रिश्तों पर जोर

‘द बिजनेस स्टैंडर्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश भारत और चीन दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि चाहे नई दिल्ली हो, बीजिंग हो या वाशिंगटन, ढाका सभी देशों के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध चाहता है।

उन्होंने चीन को बांग्लादेश का महत्वपूर्ण विकास सहयोगी बताते हुए कहा कि बीजिंग की उनकी हालिया यात्रा काफी सकारात्मक रही। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी एक देश के प्रभाव में नहीं रहना चाहती।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी दिया बड़ा संदेश

हुमायूं कबीर ने कहा कि विदेश नीति केवल आदर्शवादी नारों के आधार पर नहीं चलाई जा सकती, बल्कि उसमें व्यावहारिक दृष्टिकोण भी जरूरी होता है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश एक खुले, सहयोगात्मक और समावेशी क्षेत्रीय ढांचे का समर्थन करता है। उन्होंने साफ किया कि बांग्लादेश किसी वैश्विक प्रतिद्वंद्विता में किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास से जुड़ी क्षेत्रीय पहलों में बांग्लादेश सक्रिय भागीदारी जारी रखेगा।

क्षेत्रीय राजनीति में बढ़ सकता है महत्व

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में बांग्लादेश की संतुलित विदेश नीति दक्षिण एशिया की राजनीति में उसकी रणनीतिक अहमियत को और बढ़ा सकती है। खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ढाका की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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