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मप्र के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राजनीतिक दलों की अपील
मध्य प्रदेश में बीते दिनों में हुई बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, लोगों की जिंदगी संकट में है। राजनीतिक दलों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं।
राज्य में हो रही बारिश मुसीबत का कारण बनी हुई है। नदी-नालों के बढ़े जलस्तर के कारण ग्वालियर-चंबल इलाके के कई सौ गांव पानी से घिर गए हैं। लोगों का बचाने के लिए राहत बचाव कार्य का क्रम जारी है। सरकारी तौर पर पीड़ितों की मदद की जा रही है। वहीं राजनीतिक दल भी मदद के लिए सक्रिय हैं।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ग्वालियर एवं चंबल अंचल के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में हर तरह की संभव मदद करने की अपील की। उन्होंने शासन, प्रशासन के साथ कार्यकर्ताओं को आगे आकर आमजन की मदद करने की बात कही।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश के ग्वालियर, चंबल संभाग के श्योपुर, शिवपुरी, गुना भिण्ड जिले में अचानक आयी बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरफ सेनाएं भी स्थिति को नियंत्रण करने में गंभीरता के साथ लगी हुई है। मुख्यमंत्री मंत्रीगण भी सजगता के साथ इसी काम में लगे हैं।
प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में कई लोग प्रभावित हुए हैं। हमारे कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़े। उनके जान, माल के बचाव से लेकर हर प्रकार की मदद के लिए भाजपा के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित जिलों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं जनप्रतिनिधियों से पीड़ितों की मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर,चम्बल, बुन्देलखंड एवं बघेलखंड के कईं जिले, भारी वर्षा के कारण भीषण बाढ़ की चपेट में है। भारी वर्षा के कारण सैकड़ों गांवों का सड़क सम्पर्क टूट गया है एवं पुल-पुलिया ,सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं व कई स्थानों पर तो पुल- पुलिया तक बह गये हैं। हजारों नागरिक आज भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं हजारों बस्तियां व गांव अभी भी जलमग्न हैं। बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गये हैं तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं व खाद्य सामग्री नष्ट हो गई है, किसानों की फसलें बर्बाद हो गयी हैं।
कमल नाथ ने सरकार से मांग की है कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य व्यापक पैमाने पर चलाकर, हजारों प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित शिविरों में तत्काल पहुंचाने के सभी आवश्यक प्रबंध किये जाएं, दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था शिविर स्थलों पर सुनिश्चित की जाए, पीड़ित परिवारों को स्वच्छ पेयजल, भोजन सामग्री, कपड़े आदि उपलब्ध कराये जाएं ,क्षतिग्रस्त मकानों के निर्माण के लिये तात्कालिक रूप से आवश्यक साधन व सामग्रियां उपलब्ध कराई जावे, संभावित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सकीय दल के साथ आवश्यक दवा सामग्री भी प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा है कि राहत एवं बचाव कार्य के लिये तत्काल सर्वेक्षण किया जाकर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत सहायता व मुआवजा राशि अविलंब वितरित की जाए, ताकि पीड़ितजनों को तत्कालीन राहत मिल सके। आपदा की इस घड़ी में कांग्रेस पीड़ितों परिवारों के साथ खड़ी है। मैं प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से सतत सम्पर्क में हूं। मैंने कांग्रेसजनों को प्रभावित क्षेत्र में जाकर पीड़ित परिवारों को सहायता व हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की अपील भी की है।
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