होम थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरे पर

समाचारखेल Alert Star Digital Team Apr 27, 2021 08:31 PM

थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरे पर

थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरे पर

थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरे पर

थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरा पर गए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की अभियानगत तैयारियों की समीक्षा की.

देश में आए कोरोना संकट के बीच थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे दो दिन के लद्दाख दौरे पर गए हैं. मंगलावर को सेना प्रमुख ने पूर्वी लद्दाख में तैनात सैनिकों से मुलाकात की और कमांडर्स से चीन से सटी एलएसी पर ऑपरेशन्ल तैयारियों का जायजा लिया.

 

आपको बता दें कि पिछले साल इन दिनों के दौरान कोरोना महामारी के वक्त ही चीन ने पूर्वी लद्दाख से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कई जगह घुसपैठ की कोशिश की थी जिसके बाद दोनों देशों में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गई थे.

नरवणे ने सैनिकों का तैनात रहने के लिए उनके दृढ़ता और उच्च-मनोबल की सराहना की

 

सेना ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि थलसेना प्रमुख जनरल नरवणे ने पूर्वी लद्दाख और सियाचिन का दौरा किया. अपने दौरे के दौरान सेनाध्यक्ष ने वहां तैनात सैनिकों से मुलाकात कर बेहद उंचाई वाले इलाकों में विपरीत मौसम और जलवायु में भी तैनात रहने के लिए सैनिकों की दृढ़ता और उच्च-मनोबल की सराहना की.

 

गौरतलब है कि सियाचिन और पूर्वी लद्दाख दुनिया के सबसे उंचाई रण-क्षेत्र में से एक हैं और वहां ऑक्सीजन की बेहद कमी रहती है. इस दौरे में सेना प्रमुख के साथ उत्तरी कमान के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी और लेह स्थित 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कोर) के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन भी मौजूद थे.

 

दोनों क्षेत्रों की रक्षा-सुरक्षा की जिम्मेदारी 14वीं कोर की है

 

सेना के मुताबिक, इस दौरान 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मेनन ने सेनाध्यक्ष को पूर्वी लद्दाख और सिचायिन में मौजूदा सुरक्षा-परिदृश्य और ऑपरेशन्ल-तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. इन दोनों क्षेत्रों की रक्षा-सुरक्षा की जिम्मेदारी 14वीं कोर की है.

 

बुधवार को भी थलसेना प्रमुख पूर्वी लद्दाख में ही मौजूद रहेंगे और दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सहित कुछ अन्य इलाकों में सुरक्षा का जायजा लेंगे. क्योंकि पैंगोंग-त्सो झील के उत्तर और दक्षिण में पहले चरण के डिसइंगेजमेंट के बाद चीन अब दूसरे चरण के डिसइंगेजमेंट में आनाकानी कर रहा है. दूसरे चरण का डिसइंगेजमेंट यानि सैनिकों की फॉरवर्ड-लोकेशन से पीछे हटने की बारी अब गोगरा, हॉट-स्प्रिंग और डेपसांग प्लेन जैसे इलाकों की है. ऐसे में एलएसी पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं.

 

बीते साल दोनों देशों के सैनिकों के बीच फायरिंग और हिंसक-झड़पें भी हुई थीं

 

पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान जब भारतीय सेना ने अपनी सभी एक्सरसाइज और पैट्रोलिंग तक बंद कर रखी थी, तभी अप्रैल महीने के आखिर और मई की शुरूआत में चीन की पीएलए सेना ने एक्सरसाइज के नाम पर बड़ी तादाद में अपने सैनिक और टैंक इत्यादि की तैनाती एलएसी पर कर दी थी. हालांकि, भारतीय सेना ने भी उसके बाद अपने सैनिकों की डिप्लोयमेंट वहां बेहद तेजी से की थी.

 

इस दौरान गलवान घाटी, पैंगोंग-त्सो और कैलाश हिल रेंज पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच फायरिंग और हिंसक-झड़पें भी हुई थीं. यही वजह है कि मंगलवार को थलसेना प्रमुख का पूर्वी लद्दाख का दो दिन का दौरा बेहद अहम हो जाता है. क्योंकि एक बार फिर इस तरह की खबरें आ रही हैं कि चीनी सेना एलएसी पर अपने डिवीजन और फॉर्मेशेसन्स में तब्दीली कर रही है.

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)