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पश्चिम बंगाल चुनावः ममता को चाहिए मदद, झामुमो से बढ़ी नजदीकियां
पश्चिम बंगाल में चुनावी विसात बिछने लगी है। प्यादे, घोड़े, हाथी सब मोर्चे पर तैनात हो रहे हैं। भाजपा के बढ़ते प्रभाव और तेज होते आक्रमण के बीच अब ममता बनर्जी को छोटी-छोटी पार्टियों की दरकार गहराई से महसूस होने लगी है। ऐसा पार्टियां जो साथ आने पर फायदा पहुंचा सकती हैं और अलग लड़ने पर नुकसान। इसी कड़ी में ममता ने अपने पड़ोसी झारखण्ड के सत्ताधारी झामुमो से मदद मांगी है। अभी दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी कहा कि ममता बनर्जी चुनाव प्रचार में सहयोग और साथ चाहती हैं। दो दिन पहले हेमन्त सोरेन दिल्ली में थे और रांची में एनसीपी का सम्मेलन हो रहा था। इसमें भाग लेने आये एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि ममता पर भाजपा के बढ़ते आक्रमण को देखते हुए उनको मदद की जरूरत है। हमारी पार्टी उनकी पार्टी को समर्थन दे सकती है, संभव है हम कोई उम्मीदवार ही न दें। जल्द पार्टी के स्तर पर इसका निर्णय किया जायेगा। सूत्रों के अनुसार शरद पवार इस मसले पर खुद हेमन्त सोरेन से बात करना चाहते थे मगर मुख्यमंत्री उनके जाने के बाद पहुंचे।
पश्चिम बंगाल के झारग्राम में झामुमो की चुनावी सभा और हेमन्त सोरेन के संबोधन के बाद ममता बनर्जी थोड़ा नाराज भी हुई थीं मगर झामुमो ने उसका संयमित तरीके से जवाब दिया। हालांकि उसके बाद पश्चिम बंगाल में झामुमो की आक्रामक सभाएं थम सी गईं। उससे महसूस किया जा रहा था कि झामुमो में कुछ पक रहा है। वैसे खुद हेमन्त सोरेन ने झारग्राम की सभा में कोई पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कोई चालीस सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया था। इधर ममता के आग्रह के बाद झामुमो में मंथन शुरू हो गया है। तीन-चार दिन पूर्व झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने आउटलुक से कहा था कि बंगाल के मसले पर जल्द तस्वीर साफ हो जायेगी। इधर झामुमो की ममता बनर्जी से नजदीकियां बढ़ रही हैं। मगर किन शर्तों पर यह तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। टीएमसी को बिना शर्त समर्थन या तालमेल के आधार यह पार्टी कार्यकारिणी को निर्णय करना है। झारखंण्ड में कांग्रेस हेमन्त सरकार में शामिल है मगर बंगाल में ममता से अलग कांग्रेस और वाम का गठबंधन है। केंद्र के साथ हेमन्त सोरेन का लगातार टसल चल रहा है, ऐसे में लगता है कि भाजपा को दूर रखने के लिए ममता से निकटता झामुमो का समय के साथ समझौता है। झामुमो के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए हम हर संभव कदम उठायेंगे। वहीं पार्टी के केंद्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आउटलुक से कहा कि विधानसभा का सत्र चल रहा है। ममता बनर्जी के साथ पर निर्णय जल्द हो जायेगा। हमारे सारे बड़े नेता रांची में ही हैं। बुद्धवार को कोई फैसला संभव है। राजद भी बंगाल में ममता बनर्जी से कोई आधा दर्जन सीटें चाहता है। राजद के नेता लगातार टीएमसी के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि सीटों पर निर्णय के बिना ही राजद ने साथ का संदेश दिया है।
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