होम राम सेतु का निर्माण कैसे किया गया था? इस रिसर्च से सामने आएंगे कई रहस्य
राम सेतु का निर्माण कैसे किया गया था? इस रिसर्च से सामने आएंगे कई रहस्य
नई दिल्ली। रामायणकाल में लंका पर विजय पाने के लिए भारत-श्रीलंका के बीच बनाए गए राम सेतु को लेकर एक और खुलासा हुआ है।एक रिसर्च से पता चलेगा कि राम सेतु की आयु कितनी है। इसके अलावा रिसर्च में पता लगाया जाएगा कि इसे कैसे बनाया गया था। इस परियोजना पर काम कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिसर्च 'रामायण काल की आयु निर्धारित करने में मदद कर सकती है।'हिंदू महाकाव्य 'रामायण' में कहा गया है कि 'वानर सेना' ने राम को लंका तक पहुंचने के लिए इसका निर्माण किया था। भगवान राम जब लंका के राजा रावण की कैद से अपनी पत्नी सीता को बचाने निकले थे तो रास्ते में समुद्र पड़ा। उनकी वानर सेना ने ही इस पुल का निर्माण किया था। 'रामायण' के अनुसार, वानरों ने छोटे-छोटे पत्थरों की मदद से इस पुल को तैयार किया था। यह पुल कोरल और सिलिका पत्थरों का बना है। भारत और श्रीलंका के बीच बना यह पुल करीब 48 किलोमीटर लंबा है।इस रिसर्च के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हरी झंडी दे दी है और इसे सीएसआईआर-नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ ऑसनोग्राफी, गोवा द्वारा अंजाम दिया जाएगा। सीएसआईआर-नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ ऑसनोग्राफी (एनआईओ), गोवा इस बात का पता लगाएगी कि भारत और श्रीलंका के बीच उथले समुद्री सतह जिसे राम सेतु कहा जाता है, का निर्माण किस कालखंड में और कैसे हुआ था।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।