होम पहले की सरकारों ने चीनी मिलों को बंद किया, हम शुरू कर देश-दुनिया में पहचान बना रहे हैं

समाचारविदेश Alert Star Digital Team Dec 9, 2020 10:47 PM

पहले की सरकारों ने चीनी मिलों को बंद किया, हम शुरू कर देश-दुनिया में पहचान बना रहे हैं

पहले की सरकारों ने चीनी मिलों को बंद किया, हम शुरू कर देश-दुनिया में पहचान बना रहे हैं

पहले की सरकारों ने चीनी मिलों को बंद किया, हम शुरू कर देश-दुनिया में पहचान बना रहे हैं

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने 9 दिसंबर को पिपराइच स्थित सल्‍फरलेस शुगर प्‍लांट का शुभारम्‍भ किया. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों का शोषण करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. सरकारी योजनाओं का दिल्‍ली से चला 100 रुपए किसानों तक 10 रुपए ही पहुंचता रहा है. 90 रुपए दलाल खा जाते रहे हैं. आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सरकार में किसानों और गरीबों के खाते में सीधे रुपए जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी मिलों को बंद किया. हम शुरू कर देश-दुनिया में पहचान स्‍थापित कर रहे हैं.

 

साजिश के तहत 21 शुगर मिलों को बेच दिया गया
सीएम को गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल से पहले बस्‍ती की मुंडेरवा चीनी मिल पहुंचना था लेकिन, विजिबिलटी नहीं होने की वजह से उनका हेलीकॉप्टर वहां लैंड नहीं कर सका. वहां पर उन्‍हें 200 करोड़ की विकास की परियोजनाओं का शिलान्‍यास और लोकार्पण भी करना थे. सीएम सीधे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे और यहां से सड़क मार्ग के जरिए पिपराइच शुगर मिल पहुंचे. मुख्‍यमंत्री ने यहां पर 25 करोड़ की लागत से बने सल्‍फरलेस शुगर प्‍लांट का शुभारम्‍भ किया. इस दौरान उन्‍होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 1932 में पिपराइच और मुंडेरवा की शुगर मिल लगी थी. 1999 में इसे पिछली सरकारों ने इसे साजिश के तहत प्रदेश की 21 शुगर मिल को बेच दिया. हमने उस समय आंदोलन भी किया था.

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