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Alert Star Digital Team Dec 8, 2020 09:09 PM

आपदा में अवसरः मोदी ने कोरोना संकट को अवसर में बदला,

आपदा में अवसरः मोदी ने कोरोना संकट को अवसर में बदला,

आपदा में अवसरः मोदी ने कोरोना संकट को अवसर में बदला,

नई दिल्लीः कोरोना महामारी के दौर में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक कार्यक्रमों में कमी नहीं आई बल्कि उनमें पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत की वृद्धि ही हुई है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी ने सितंबर से नवंबर महीने के दौरान प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए 101 सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने हर दिन औसतन एक से अधिक कार्यक्रम में भागीदारी की।

पिछले साल इसी अवधि के दौरान मोदी ने 78 घरेलू कार्यक्रमों में भाग लिया था। उसकी तुलना में मोदी ने इस साल 25 प्रतिशत अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वर्ष 2020 के इन तीन महीनों में मोदी ने प्रौद्योगिकी का भरपूर इस्तेमाल किया और इसके जरिए समाज के सभी वर्गों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीण भारत से लेकर निवेशकों और युवाओं से लेकर मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तक से संवाद स्थापित किया।

सूत्रों के मुताबिक इस दौरान उन्होंने ग्रामीण भारत में कई कार्यक्रमों का उद्घाटन और शिलान्यास किया वहीं अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ डिजिटल माध्यम से विभिन्न सम्मेलनों में भागीदारी की। प्रधानमंत्री ने इस साल सितंबर से नवंबर के बीच 26 ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिनमें कुछ परियोजनाओं का या तो उद्घाटन किया गया या फिर कुछ का शिलान्यास किया गया।

सूत्रों के मुताबिक इस दौरान प्रधानमंत्री के संवाद के मुख्य केंद्र में समाज के पिछड़े व शोषित वर्ग के लोगों की सहायता करना रहा। उन्होंने रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से संवाद कायम किया। इस अवधि में प्रधानमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र को भी भी प्राथमिकता दी। उन्होंने शिक्षा से जुड़े आठ कार्यक्रमों में हिस्सेदारी की और अन्य मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपनी बात रखी। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के चार कार्यक्रमों में भी प्रधानमंत्री ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने कोरोना महामारी के सिलसिले में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ दो बैठकें भी कीं।

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