होम मोदी ने कोरोनाकाल में लोगों की मदद और विकास के लिए की छत्तीसगढ़ के कार्यों की सराहना
मोदी ने कोरोनाकाल में लोगों की मदद और विकास के लिए की छत्तीसगढ़ के कार्यों की सराहना
छत्तीसगढ़ में कोरोनाकाल में लोगों की मदद और विकास के लिए किए गए कार्यों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। मोदी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से प्रधानमंत्री प्रगति पोर्टल के अंतर्गत कोरोना से संबंधित मुद्दे पर चर्चा की। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने यहां किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने कहा- कोरेाना के दौरान 29.35 लाख लोगों को रोजगार दिया
उन्होंने बताया कि कोरोना संबंधी सीपी ग्राम पोर्टल में प्राप्त हुई 1028 शिकायतों का शतप्रतिशत निराकरण कर दिया गया है। श्रम विभाग ने 18087 श्रमिकों को 12.57 करोड़ रुपये का वितरण किया। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अनाज और चने का वितरण कोरोना के दौरान शत प्रतिशत पूरे राज्य में कर दिया गया था। कोरेाना के दौरान 29.35 लाख लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार भी उपलब्ध कराया गया। मुख्य सचिव ने बताया कि स्लरी पाईपलाईन स्थापना के लिए 83.831 हेक्टेयर व्यपवर्तन प्रस्ताव के संबंध में राज्य सरकार ने समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण कर ली है।
भारत स्वनिधी योजना में राज्य देश में सातवें स्थान पर
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत स्वनिधी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की रैंकिंग पूरे देश में सातवें स्थान पर रही है। कुल 50 हजार 753 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15 हजार 076 प्रकरणों में राशि का वितरण सभी हितग्राहियों को डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है। इस पर प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रशंसा की।
निर्यात हब के रूप में जिलों का विकास
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब प्रमोशन कमेटी का गठन कर दिया गया है। 31 दिसंबर तक डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान को भी स्वीकार कर लिया जाएगा। आपरेशनाइजेशन एग्रीकल्चर रिफार्म के संबंध में मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि इसके लिए नोडल आफिसर नियुक्त कर योजना बनाई जा रही है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।