होम अयोध्या: दीपोत्सव की तैयारी अंतिम दौर में, भव्य और यादगार बनाने के लिये सरकार ने झोंकी ताकत
अयोध्या: दीपोत्सव की तैयारी अंतिम दौर में, भव्य और यादगार बनाने के लिये सरकार ने झोंकी ताकत
अयोध्या में चौथे दीपोत्सव की तैयारी जोरों से शुरू की गई है. इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य और दिव्य इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद यह पहला दीपोत्सव है. उधर राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ है. ऐसे में राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव का आयोजन होगा. मुख्यमंत्री राम जन्मभूमि पर रामलला की आरती उतारेंगे. गोबर से निर्मित 11 हजार दीपक राम जन्मभूमि के परिसर में जलाए जाएंगे. हालांकि इस दीपोत्सव में आमजन को शामिल होने की अनुमति नहीं है, लेकिन इस बार का दीपोत्सव बेहद खास है और इसको भव्यता के साथ मनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है. अयोध्या के प्रवेश द्वार पर भव्य गेट बनाए जा रहे हैं. यह गेट दीपोत्सव स्थल को जाएंगे. गेट पर की गई लाइट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे. पूरी अयोध्या दुल्हन की तरीके सजाने संवारने का काम तेजी के साथ किया जा रहा है. राम कथा पार्क दीपोत्सव स्थल और राम की पैड़ी जहां पर मुख्य आयोजन होगा. वहां पर 70 फीसदी से ज्यादा कार्य पूर्ण कर लिया गया है. नगर भ्रमण पर निकलने वाली झांकी का भी 75 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है.
पास धारक ही जा सकेंगे
पिछले साल की तुलना में इस बार का दीपोत्सव बेहद भव्य और खास है, क्योंकि राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद यह पहला दीपोत्सव है. ऐसे में प्रशासनिक तैयारियां तेजी के साथ पूरी की जा रही है, लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल भी चल रहा है. ऐसे में लोगों को सतर्क और जागरूक करते हुए काम कराया जा रहा है. दीपोत्सव में केवल पास धारकों को जाने का अनुमति दी जा रही है.
योगी सरकार चौथा दीपोत्सव बना रही है और राम मंदिर के साथ यह पहला दीपोत्सव है. इसका आयोजन भव्यता के साथ किया जा रहा है. अयोध्या के प्रवेश द्वार पर बड़े-बड़े गेट लगाए गए हैं, जो सीधे दीपोत्सव स्थल तक ले जाएंगे. इनके ऊपर की गई लाइटिंग आकर्षण का केंद्र होगी. लोग घर बैठे दीपोत्सव का सीधा प्रसारण अपने घरों पर देख सकेंगे, साथ ही एलईडी के माध्यम से पूरे नगर में लोगों को दीपोत्सव दिखाने की तैयारी की जा रही है.
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।